बर्नपुर, 5 जुलाई: पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले के बर्नपुर में करीब 60 साल पुराने ऐतिहासिक सिनेमा हॉल को अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत ध्वस्त कर दिया गया। रविवार को SAIL-ISP यानी इस्को स्टील प्लांट की जमीन को कथित अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई के दौरान सिनेमा हॉल पर बुलडोजर चलाया गया। कभी क्षेत्र का प्रमुख मनोरंजन केंद्र रहे इस सिनेमा हॉल को टूटता देखकर स्थानीय लोगों में मायूसी और नाराजगी देखने को मिली।
लंबे समय से बंद पड़ा बर्नपुर सिनेमा हॉल एक समय आसपास के लोगों के मनोरंजन का प्रमुख ठिकाना हुआ करता था। यहां बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ फिल्में देखने पहुंचते थे। सिनेमा हॉल की इमारत गिराए जाने की खबर मिलते ही कई स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उनके सामने जैसे ही बुलडोजर ने पुरानी इमारत को गिराना शुरू किया, लोगों की इससे जुड़ी यादें ताजा हो गईं।
सिनेमा हॉल से जुड़ी थीं लोगों की पुरानी यादें
स्थानीय वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि उन्होंने इस सिनेमा हॉल में अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ कई लोकप्रिय फिल्में देखी थीं। उस दौर में मनोरंजन के सीमित साधन होने के कारण यह सिनेमा हॉल लोगों के सामाजिक जीवन का भी एक अहम हिस्सा था। त्योहारों, छुट्टियों और नई फिल्मों की रिलीज के दौरान यहां दर्शकों की लंबी कतारें लगती थीं।
इमारत के ध्वस्त होने से विशेष रूप से बुजुर्गों में भावनात्मक पीड़ा देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल ईंट-पत्थर की इमारत नहीं थी, बल्कि बर्नपुर के इतिहास, संस्कृति और सामूहिक स्मृतियों का हिस्सा थी।
SAIL-ISP की जमीन पर बना था सिनेमा हॉल
जानकारी के अनुसार, सिनेमा हॉल SAIL-ISP की जमीन पर बना हुआ था। इस्को स्टील प्लांट की ओर से अपनी जमीन पर मौजूद कथित अवैध निर्माणों को हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यालयों, क्लबों और अन्य निर्माणों को भी ध्वस्त किए जाने की बात सामने आई है।
इसी अभियान के अंतर्गत बर्नपुर सिनेमा हॉल को भी हटाने का निर्णय लिया गया। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान भारी मशीनों की मदद से इमारत को गिरा दिया गया। हालांकि, इस कार्रवाई और सिनेमा हॉल की स्थिति को लेकर SAIL-ISP की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
संरक्षण की मांग कर रहे थे स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों के एक वर्ग का कहना है कि इतने पुराने सिनेमा हॉल को पूरी तरह ध्वस्त करने के बजाय उसका संरक्षण किया जा सकता था। लोगों का सुझाव था कि इमारत की मरम्मत कर उसे सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक केंद्र, पुस्तकालय या किसी अन्य जनहित के कार्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था।
निवासियों का मानना है कि शहरों के विकास और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ-साथ ऐतिहासिक इमारतों और स्थानीय विरासत को बचाने पर भी विचार किया जाना चाहिए। बर्नपुर सिनेमा हॉल के ध्वस्त होने के बाद अब इस जमीन का आगे किस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

