4 Jul 2026, Sat

ओडिशा में समुद्र में समा गया पक्का मकान, सामने आया VIDEO

ओडिशा के गंजाम जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। जिले के पॉडमपेटा गांव में समुद्र की तेज लहरों और लगातार हो रहे तटीय कटाव के कारण एक पक्का मकान देखते ही देखते ढहकर समुद्र में समा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद समुद्र किनारे बसे गांवों की सुरक्षा और बढ़ते तटीय कटाव को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह समुद्र में ऊंची और तेज लहरें उठ रही थीं। लहरें लगातार मकान के नीचे की मिट्टी को काट रही थीं, जिससे उसकी नींव कमजोर होती चली गई। कुछ ही समय बाद पूरा मकान भरभराकर समुद्र में गिर गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने इस भयावह नजारे को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। वायरल वीडियो में मकान को धीरे-धीरे गिरते और लहरों में समाते देखा जा सकता है।

हर साल गांव की ओर बढ़ रहा समुद्र

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ साल पहले तक समुद्र पॉडमपेटा गांव से काफी दूरी पर था। उस समय समुद्री लहरें रिहायशी इलाके तक नहीं पहुंचती थीं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लगातार हो रहे तटीय कटाव के कारण समुद्र तेजी से गांव की ओर बढ़ा है।

अब हालात ऐसे हो गए हैं कि समुद्री लहरें सीधे मकानों और अन्य निर्माणों के पास तक पहुंच रही हैं। जमीन कटने से कई घरों की नींव कमजोर हो चुकी है। खतरे को देखते हुए कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो गए हैं।

कभी गांव में थे करीब 500 मकान

बताया जा रहा है कि पॉडमपेटा गांव में कभी सैकड़ों परिवार रहते थे और यहां लगभग 500 मकान बने हुए थे। समुद्री कटाव बढ़ने के साथ कई घर लहरों की चपेट में आकर नष्ट हो गए। वहीं, बड़ी संख्या में लोगों ने सुरक्षित इलाकों में जाकर बसना शुरू कर दिया।

अब गांव में बचे हुए मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों को डर है कि अगर समुद्री कटाव इसी रफ्तार से जारी रहा, तो आने वाले समय में गांव का बड़ा हिस्सा समुद्र में समा सकता है।

17 तटीय गांवों के लोगों की बढ़ी चिंता

तटीय कटाव की समस्या केवल पॉडमपेटा गांव तक सीमित नहीं है। पालीबंधा और रामागड़ा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले करीब 17 तटीय गांव भी समुद्री कटाव का सामना कर रहे हैं। इन गांवों में रहने वाले लोगों के घरों के साथ खेती, मछली पालन और अन्य आजीविका के साधनों पर भी खतरा बढ़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश, तूफान और समुद्र की ऊंची लहरों के दौरान स्थिति और ज्यादा गंभीर हो जाती है। जमीन तेजी से कटती है और तट के पास बने मकानों को नुकसान पहुंचता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

प्रभावित ग्रामीणों ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि समुद्र के किनारे मजबूत सुरक्षा दीवार बनाई जानी चाहिए। इसके साथ ही जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वासित किया जाए।

ग्रामीणों ने समुद्री कटाव से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में कई और घर, खेत और गांव समुद्र की चपेट में आ सकते हैं।

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