सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेहद भावुक और दिल छू लेने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला अपने पति की परदादी से पहली बार मिलती नजर आ रही है। खास बात यह है कि दोनों एक-दूसरे की भाषा नहीं समझतीं, लेकिन इसके बावजूद उनके बीच बना भावनात्मक जुड़ाव लाखों लोगों का दिल जीत रहा है।
वीडियो ने इंटरनेट यूजर्स को भावुक कर दिया है और लोग इसे पारिवारिक रिश्तों, प्रेम और आपसी प्रयास का खूबसूरत उदाहरण बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को जमकर शेयर कर रहे हैं और अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @journeywithshefali नाम के अकाउंट से साझा किया गया है। वीडियो पोस्ट करने वाली शेफाली एक उत्तर भारतीय महिला हैं, जिन्होंने एक तेलुगु परिवार में शादी की है।
वीडियो में दिखाया गया है कि शादी के बाद भारत यात्रा के दौरान शेफाली पहली बार अपने पति की परदादी से मिलने पहुंचती हैं। हालांकि, दोनों के बीच भाषा एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि शेफाली न तो तेलुगु बोल पाती हैं और न ही उनकी परदादी हिंदी या अंग्रेजी समझती हैं।
इसके बावजूद, दोनों ने एक-दूसरे से जुड़ने की पूरी कोशिश की।
इशारों और मुस्कान के जरिए हुआ संवाद
वायरल वीडियो में शेफाली और उनके पति की परदादी आमने-सामने बैठी नजर आती हैं। शेफाली तेलुगु भाषा के कुछ शब्द बोलने का प्रयास करती हैं और बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश करती हैं।
इस दौरान वह अपने पति से पूछती हैं कि क्या उनकी परदादी को तेलुगु संगीत पसंद है। परदादी तेलुगु में जवाब देती हैं, लेकिन भाषा की बाधा के कारण शेफाली उनकी बात पूरी तरह समझ नहीं पातीं।
वीडियो में स्क्रीन पर लिखा दिखाई देता है, “मुझे नहीं पता कि उन्होंने क्या कहा।”
इसके बाद शेफाली यह भी बताती हैं कि उन्होंने सोचा था कि शायद हिंदी संगीत के जरिए वे अपनी परदादी से जुड़ पाएंगी, लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि उनके परिवार की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि कितनी अलग है।
हालांकि, पूरे वीडियो में दोनों के बीच मुस्कुराहट, स्नेह और अपनापन साफ नजर आता है।
शेफाली ने लिखा भावुक कैप्शन
वीडियो साझा करते हुए शेफाली ने एक भावुक कैप्शन भी लिखा। उन्होंने कहा कि विवाहित जीवन के बाद भारत की उनकी पहली यात्रा में उन्हें अपने पति की परदादी से मिलने का अवसर मिला।
उन्होंने लिखा, “मैं तेलुगु नहीं बोलती और वह हिंदी या अंग्रेजी नहीं बोलतीं, इसलिए मेरे पति को अनुवाद करना पड़ा। बातचीत उतनी आसान नहीं थी, लेकिन मैं उन्हें समझने और जानने की पूरी कोशिश कर रही थी।”
शेफाली ने आगे लिखा, “यदि आप इतने भाग्यशाली हैं कि आपके आसपास दादा-दादी या परदादा-परदादी मौजूद हैं, तो उनसे बात करने और समय बिताने का प्रयास जरूर करें।”
सोशल मीडिया पर भावुक हुए यूजर्स
वीडियो वायरल होने के बाद हजारों यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
एक यूजर ने लिखा, “यह मेरी परदादी हैं। यह वीडियो देखना मेरे लिए बेहद खास और भावुक करने वाला अनुभव है।”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “मैं बंगाली हूं और मेरा मंगेतर तेलुगु है। कुछ महीने पहले मुझे भी बिल्कुल ऐसा ही अनुभव हुआ था।”
एक तीसरे यूजर ने कमेंट किया, “यह बहुत खूबसूरत है। यह वीडियो पुरानी यादों को ताजा कर देता है।”
कई यूजर्स ने इस बात की सराहना की कि कैसे प्रेम और अपनापन भाषा की दीवारों को भी तोड़ सकते हैं।
रिश्तों की खूबसूरती का संदेश
यह वीडियो एक बार फिर साबित करता है कि रिश्तों की मजबूती केवल शब्दों पर निर्भर नहीं होती। स्नेह, सम्मान और एक-दूसरे को समझने की इच्छा किसी भी दूरी या भाषा की बाधा को मिटा सकती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो लोगों को अपने बुजुर्गों के साथ समय बिताने और उनसे जुड़ने का भावनात्मक संदेश भी दे रहा है।

