हिमाचल प्रदेश में मानसून के औपचारिक आगमन से पहले ही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। राज्य की राजधानी शिमला में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जबकि भूस्खलन और मलबा आने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। लगातार हो रही बारिश के चलते लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है। मध्य प्रदेश, गुजरात सहित अधिकांश राज्यों में मानसून दस्तक दे चुका है, जबकि जल्द ही उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी मानसून के पहुंचने की संभावना है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है।
ढली क्षेत्र में मलबे में दबीं गाड़ियां
शनिवार दोपहर हुई तेज बारिश का सबसे अधिक असर शिमला के ढली क्षेत्र में देखने को मिला। भारी वर्षा के बाद एक नाले में अचानक मलबा आने से कम से कम तीन वाहन उसकी चपेट में आ गए और मलबे में दब गए। हालांकि, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है।
बारिश का पानी कई रिहायशी इलाकों और घरों में भी घुस गया, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई परिवारों को अपने घरों से पानी निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
शाम चार बजे ही छा गया अंधेरा
बारिश और घने बादलों के कारण शिमला में दिन के समय ही अंधेरे जैसे हालात बन गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम करीब चार बजे ही शहर में रात जैसा माहौल दिखाई देने लगा। इसी दौरान स्कूलों की छुट्टी और दफ्तरों से लोगों के घर लौटने का समय होने के कारण यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई।
स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और अन्य यात्रियों को घंटों जाम और जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। शहर की कई प्रमुख सड़कें पानी से लबालब भर गईं, जिससे वाहन धीमी गति से चलते नजर आए।
नगर निगम की व्यवस्था पर उठे सवाल
मानसून से पहले हुई इस बारिश ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी। शहर के कई हिस्सों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। लोगों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
इस बीच भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार चंबा, शिमला, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों में तेज बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि राज्य में अगले सात दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। 30 जून की रात से पश्चिमी विक्षोभ के मजबूत होने के कारण 1 और 2 जुलाई को पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और पहाड़ी ढलानों के पास जाने से बचने तथा खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

