26 Jun 2026, Fri

‘अपने अंतिम दिन भारत में बिताना चाहती हूं…’ कहकर 94 वर्षीय भारतीय महिला ने छोड़ी अमेरिका की नागरिकता

अमरावती। आंध्र प्रदेश की 94 वर्षीय कोंद्रगुंटा महालक्ष्मीम्मा इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने अपनी अमेरिकी नागरिकता त्याग दी है और अब अपने जीवन के अंतिम वर्ष भारत की नागरिक के रूप में बिताना चाहती हैं। बुजुर्ग महिला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अधिकारियों से भारतीय नागरिकता बहाल करने की अपील करती नजर आ रही हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कोंद्रगुंटा महालक्ष्मीम्मा मूल रूप से आंध्र प्रदेश के बापटला जिले के चिंथगुम्पाला गांव की निवासी हैं। उनका कहना है कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा है कि वह अपने जीवन का शेष समय अपनी मातृभूमि भारत में बिताएं और अंतिम संस्कार भी उनके पैतृक गांव में ही हो।

पति के निधन के बाद अमेरिका गई थीं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पति के निधन के बाद महालक्ष्मीम्मा अपने बेटे बुचैया चौधरी के पास अमेरिका चली गई थीं। उनके बेटे वर्जीनिया के पीटर्सबर्ग में कैंसर विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत थे। वर्ष 2000 में महालक्ष्मीम्मा ने अमेरिकी नागरिकता ग्रहण कर ली थी।

करीब 18 वर्षों तक अमेरिका में रहने के बाद वह वर्ष 2018 में भारत लौट आईं। बताया जा रहा है कि उनके बेटे ने बाद में आंध्र प्रदेश के मंगलागिरी स्थित एक अस्पताल में सेवाएं देना शुरू कर दिया, जिसके बाद परिवार भारत वापस आ गया।

भारतीय नागरिकता के लिए अधिकारियों से लगाई गुहार

हाल ही में महालक्ष्मीम्मा अपने बेटे के साथ बापटला जिला कलेक्टर जे. वेंकट मुरली से मिलने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द भारतीय नागरिकता बहाल करने का अनुरोध किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बुजुर्ग महिला अधिकारियों से भावुक अपील करती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने बताया कि वह पहले ही अपनी अमेरिकी नागरिकता छोड़ चुकी हैं और अब दोबारा भारतीय नागरिक बनना चाहती हैं।

“मेरी आखिरी इच्छा भारत में रहने की है”

रिपोर्ट्स के अनुसार, कलेक्टर से बातचीत के दौरान महालक्ष्मीम्मा ने कहा, “कलेक्टर साहब, मेरी उम्र अब 95 वर्ष के करीब है। मेरी एकमात्र इच्छा है कि मैं अपने अंतिम दिन अपनी मातृभूमि में एक भारतीय नागरिक के रूप में बिताऊं। मैं चाहती हूं कि मेरा अंतिम संस्कार मेरे पैतृक गांव में हो। मैंने अपनी अमेरिकी नागरिकता त्याग दी है। कृपया मुझे जल्द से जल्द भारतीय नागरिकता दिलाने में मदद करें।”

उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकता बहाल होने के बाद वह भारतीय संविधान और देश के कानूनों का पूरी तरह सम्मान करेंगी।

प्रशासन ने दिया आश्वासन

जिला कलेक्टर जे. वेंकट मुरली ने महालक्ष्मीम्मा को आश्वासन दिया कि उनकी अपील पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नागरिकता बहाली की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी प्रावधानों और जांच प्रक्रिया के तहत पूरी की जाएगी।

कलेक्टर के अनुसार, स्थानीय स्तर पर जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी, जिसके बाद अंतिम सिफारिश केंद्र सरकार को प्रेषित की जाएगी।

सोशल मीडिया पर लोग कर रहे सराहना

बुजुर्ग महिला की भावनात्मक अपील का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स उनके देशप्रेम और मातृभूमि के प्रति लगाव की सराहना कर रहे हैं।

हालांकि, वायरल वीडियो और दावों को लेकर आधिकारिक तौर पर सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि अपने जन्मस्थान और मातृभूमि से जुड़ाव उम्र और सीमाओं से परे होता है।

महालक्ष्मीम्मा की यह इच्छा अब पूरी होती है या नहीं, यह नागरिकता प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा, लेकिन उनकी कहानी ने निश्चित रूप से लोगों को भावुक कर दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *