23 Jun 2026, Tue

जर्मनी से 15 साल बाद भारत लौटना कैसा लगता है? इस महिला ने शेयर किया एक्सपीरिएंस; Video हुआ वायरल

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक भारतीय महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने 15 साल तक जर्मनी में रहने के बाद भारत लौटने के अपने अनुभव साझा किए हैं। महिला ने बताया कि लंबे समय तक विदेश में रहने के बाद अपने ही देश लौटना उनके लिए किसी “रिवर्स कल्चर शॉक” यानी उल्टे सांस्कृतिक झटके से कम नहीं रहा।

महिला का यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर काफी पसंद किया जा रहा है। वीडियो को @bretzel_and_biryani नाम के अकाउंट से साझा किया गया है, जहां उन्होंने विस्तार से बताया कि जर्मनी में 15 वर्षों तक रहने के बाद जब वह अपने परिवार के साथ पुणे लौटीं, तो उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में कई नए बदलावों का सामना करना पड़ा।

‘हर दिन जैसे नई जिंदगी की शुरुआत’

वीडियो में महिला बताती हैं कि भारत लौटे उन्हें और उनके परिवार को दो से तीन सप्ताह हो चुके हैं, लेकिन अभी भी ऐसा लगता है कि वे जीवन जीने के तौर-तरीके फिर से सीख रही हैं। उनके मुताबिक, विदेश में लंबे समय तक रहने के बाद अपने ही देश में दोबारा खुद को ढालना आसान नहीं होता।

उन्होंने कहा कि जर्मनी के ठंडे, शांत और बादलों से घिरे मौसम से निकलकर पुणे की तेज धूप, गर्मी और उमस भरे वातावरण में खुद को ढालना उनके लिए एक बड़ा बदलाव रहा।

मौसम से लेकर खानपान तक सब कुछ बदला

महिला ने वीडियो में बताया कि जर्मनी में वह चेरी ब्लॉसम और ट्यूलिप के खूबसूरत नजारों की आदी हो चुकी थीं, लेकिन भारत लौटने के बाद अब वह गुलमोहर और बोगनविला के पेड़ों का आनंद ले रही हैं।

खानपान में आए बदलावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां पहले उनकी दिनचर्या में सेब और यूरोपीय फलों की भरमार थी, वहीं अब भारतीय आम, खरबूजे और जामुन जैसे फलों ने उनकी थाली में जगह बना ली है।

इसके अलावा, जर्मन भाषा का रोजाना इस्तेमाल करने के बाद अब वह अंग्रेजी, हिंदी और मराठी में बातचीत कर रही हैं, जो उनके लिए एक अलग अनुभव है।

ट्रैफिक और ‘जुगाड़’ संस्कृति ने किया हैरान

महिला ने भारत और जर्मनी के ट्रैफिक सिस्टम की तुलना भी की। उन्होंने बताया कि जर्मनी की शांत और अनुशासित सड़कों से निकलकर भारत की व्यस्त, भीड़भाड़ वाली और हॉर्न से गूंजती सड़कों पर आना उनके लिए एक बड़ा बदलाव रहा।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि भारत लौटने के बाद उन्हें “जुगाड़” संस्कृति की भी आदत डालनी पड़ रही है। महिला के अनुसार, जहां जर्मनी में हर काम व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से होता था, वहीं भारत में कई बार लचीले और व्यावहारिक समाधानों पर निर्भर रहना पड़ता है।

सामाजिक व्यवहार में भी महसूस हुआ अंतर

महिला ने सामाजिक जीवन में आए बदलावों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि जर्मनी में लोग निजी जीवन को अधिक महत्व देते हैं और अनजान लोगों से सीमित बातचीत करते हैं। वहीं भारत में लोग खुले दिल से बातचीत करते हैं और अक्सर पहली मुलाकात में ही निजी सवाल पूछने लगते हैं।

हालांकि, उन्होंने माना कि भारतीय समाज का यह अपनापन और लोगों का स्वागत करने का अंदाज उन्हें काफी अच्छा लग रहा है।

‘कुछ चीजें नई, कुछ जानी-पहचानी’

महिला ने कहा कि भारत लौटने के बाद कई चीजें उन्हें परिचित लगीं, जबकि कुछ अनुभव पूरी तरह नए रहे। उन्होंने स्वीकार किया कि इतने वर्षों बाद अपने देश लौटना भावनात्मक रूप से भी काफी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन वह इस नए अध्याय को सकारात्मक तरीके से अपनाने की कोशिश कर रही हैं।

वीडियो के अंत में उन्होंने कहा कि जीवन को फिर से व्यवस्थित करना केवल देश बदलना नहीं, बल्कि अपनी दिनचर्या, सोच और अपेक्षाओं को नए सिरे से ढालना भी है। उनका यह अनुभव सोशल मीडिया पर हजारों लोगों को भावुक और प्रेरित कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *