एक समय ऐसा था जब बॉलीवुड में नए चेहरों की एंट्री तेजी से हो रही थी और कई युवा कलाकार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। इसी दौर में अभिनेता नकुल कपूर ने भी इंडस्ट्री में कदम रखा और अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों का दिल जीत लिया। हालांकि, जहां कई कलाकार सफलता मिलने के बाद लगातार फिल्मों में सक्रिय रहे, वहीं नकुल कपूर ने अलग रास्ता चुना और धीरे-धीरे फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली।
नकुल कपूर का नाम आज भी 2002 में रिलीज हुई फिल्म ‘तुमसे अच्छा कौन है’ के लिए याद किया जाता है। इस फिल्म ने उन्हें रातों-रात लोकप्रिय बना दिया था। फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री किम शर्मा और आरती छाबड़िया नजर आई थीं। रोमांस और लव ट्रायंगल पर आधारित इस फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला था। खासतौर पर नकुल के मासूम चेहरे और लवर बॉय इमेज ने युवाओं के बीच उन्हें काफी लोकप्रिय बना दिया था।
फिल्मों में आने से पहले नकुल कपूर ने साल 1998 में म्यूजिक एल्बम ‘हो गई है मोहब्बत तुमसे’ से अपनी पहचान बनाई थी। यह एल्बम उस दौर में काफी हिट साबित हुआ और इसी सफलता ने उनके लिए बॉलीवुड के दरवाजे खोल दिए। इसके बाद उन्हें ‘तुमसे अच्छा कौन है’ में मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला।
फिल्म की सफलता के बाद ऐसा माना जा रहा था कि नकुल कपूर बॉलीवुड के अगले बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं। उस समय इंडस्ट्री में शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे सुपरस्टार्स का दबदबा था, लेकिन नए चेहरों को भी लगातार मौके मिल रहे थे। ऐसे में नकुल को एक ऐसे अभिनेता के रूप में देखा जा रहा था, जिनका भविष्य बेहद उज्ज्वल हो सकता है।
हालांकि, सफलता के बावजूद नकुल कपूर ने बॉलीवुड में लंबी पारी नहीं खेली। कुछ समय बाद वह फिल्मी दुनिया से पूरी तरह गायब हो गए। उनके अचानक इंडस्ट्री छोड़ने से फैंस भी हैरान रह गए। कई लोगों को उम्मीद थी कि वह बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नकुल कपूर ने ग्लैमर की दुनिया से दूर अपनी निजी जिंदगी को प्राथमिकता दी। बताया जाता है कि उन्होंने कनाडा में अपना ठिकाना बना लिया और वहीं बस गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अब आध्यात्मिक और व्यक्तिगत जीवन पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने फिल्मी चकाचौंध से दूर रहकर एक शांत और संतुलित जीवन को चुना।
भले ही नकुल कपूर आज फिल्मों में सक्रिय नहीं हैं, लेकिन ‘तुमसे अच्छा कौन है’ और उनके म्यूजिक एल्बम को आज भी दर्शक याद करते हैं। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि सफलता हासिल करने के बाद भी हर कलाकार का सपना केवल स्टारडम नहीं होता, बल्कि कुछ लोग अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना ज्यादा पसंद करते हैं।

