कर्नाटक सरकार की महत्वाकांक्षी गृह ज्योति योजना एक बार फिर चर्चा में है। राज्य के लाखों परिवारों को हर महीने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने वाली इस योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। हाल ही में किए गए व्यापक ऑडिट के बाद सरकार ने पात्रता नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही फर्जी लाभार्थियों की पहचान के लिए केवाईसी (KYC) प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है।
गृह ज्योति योजना को कांग्रेस सरकार ने आम जनता को बढ़ती बिजली दरों और महंगाई से राहत देने के उद्देश्य से शुरू किया था। इस योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाती है। वर्तमान में राज्य के करीब 1.7 करोड़ लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सरकार इस योजना पर हर महीने लगभग 800 करोड़ रुपये की सब्सिडी खर्च कर रही है।
हालांकि, स्टेट गारंटी स्कीम्स इम्प्लीमेंटेशन अथॉरिटी द्वारा किए गए छह महीने के ऑडिट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 10 लाख से अधिक ऐसे लोग योजना का लाभ ले रहे हैं जो कर्नाटक के पंजीकृत मतदाता नहीं हैं। इसके अलावा कुछ लाभार्थी एक से अधिक बिजली कनेक्शनों पर मुफ्त बिजली का फायदा उठा रहे हैं, जो योजना के नियमों के खिलाफ है।
ऑडिट रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने योजना के नियमों को और कड़ा करने का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो कर्नाटक के वैध मतदाता हैं। बाहरी राज्यों के लोगों या अपात्र व्यक्तियों को अब इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रत्येक लाभार्थी को केवल एक घरेलू आरआर (Revenue Register) नंबर पर ही मुफ्त बिजली की सुविधा मिलेगी। यदि किसी व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक बिजली कनेक्शन हैं, तो वह सभी कनेक्शनों पर योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। विशेष रूप से पानी के पंप, बोरवेल या अन्य गैर-घरेलू उपयोग वाले मीटरों पर मुफ्त बिजली की सुविधा समाप्त की जा सकती है।
इसके अलावा योजना का लाभ केवल रिहायशी उपयोग के लिए ही मान्य होगा। ऐसे उपभोक्ता जो अपने घरों से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं, उन्हें योजना से बाहर किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे सब्सिडी का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचेगा।
धांधली और वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए सरकार अब बड़े स्तर पर केवाईसी प्रक्रिया लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत लाभार्थियों के वोटर आईडी, आधार विवरण और आरआर नंबर का सत्यापन किया जाएगा। सरकार गृह लक्ष्मी योजना की तर्ज पर गृह ज्योति योजना के लिए भी नए सिरे से पंजीकरण व्यवस्था लागू करने पर विचार कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। वहीं पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के योजना का लाभ मिलता रहेगा।

