मुंबई, 15 जून 2026: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक शांति समझौते की खबर ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा। तेल कीमतों में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव कम होने से निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मजबूत बढ़त के साथ खुले। (Reuters)
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,100 अंकों से अधिक उछलकर 76,600 के पार पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी करीब 350 अंकों की बढ़त के साथ 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मिले हैं, जिससे इक्विटी बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है। (Reuters)
शुरुआती कारोबार में बाजार की चौड़ाई बेहद मजबूत रही। बढ़त वाले शेयरों की संख्या गिरावट वाले शेयरों से कई गुना अधिक रही, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाती है। वित्तीय सेवाएं, बैंकिंग, एविएशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखी गई। कम तेल कीमतों का सीधा लाभ एयरलाइंस कंपनियों और तेल आयात पर निर्भर उद्योगों को मिलने की उम्मीद है। (Reuters)
बाजार की तेजी में वित्तीय कंपनियों का विशेष योगदान रहा। बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में 1 से 3 प्रतिशत तक की मजबूती दर्ज की गई। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो (L&T), इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयर भी निवेशकों की पसंद बने रहे। दूसरी ओर कुछ चुनिंदा फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में सीमित दबाव देखने को मिला। (Reuters)
अमेरिका-ईरान समझौते का एक बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया है। समझौते के बाद वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह बेहद सकारात्मक खबर है क्योंकि इससे आयात बिल कम हो सकता है और महंगाई पर दबाव घट सकता है। इसी वजह से निवेशकों ने भारतीय बाजार में जमकर निवेश किया। (Reuters)
विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपये को मजबूती मिली। डॉलर के मुकाबले रुपये में अच्छी बढ़त दर्ज की गई, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और वैश्विक तनाव कम बना रहता है, तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में तेजी का यह सिलसिला जारी रह सकता है। (Reuters)
कुल मिलाकर, अमेरिका-ईरान शांति समझौते ने वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया है और भारतीय शेयर बाजार ने इसका जोरदार स्वागत किया है। निवेशकों की नजर अब इस समझौते के औपचारिक क्रियान्वयन और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर बनी रहेगी। (Reuters)

