नई दिल्ली: ओमान के तट के पास कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों को लेकर भारत ने एक बार फिर अमेरिका के शीर्ष कार्यवाहक राजनयिक (Chargé d’Affaires) को तलब किया है। यह 48 घंटों के भीतर दूसरी बार है जब भारत ने अमेरिकी राजनयिक को इस मामले में बुलाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब कर हाल के हमलों पर गहरी चिंता और नाराजगी जताई। बैठक लगभग 40 मिनट तक चली, जिसमें भारत ने स्पष्ट रूप से इन घटनाओं को गंभीर और अस्वीकार्य बताया।
लगातार हमलों पर भारत की कड़ी आपत्ति
सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ दिनों में ओमान के पास तीन कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया गया है, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। इनमें से एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है।
भारत ने कहा कि इन घटनाओं में भारतीय नागरिकों की जान जाना बेहद गंभीर मामला है और इसकी पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
40 मिनट की बैठक में क्या हुआ?
विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने अमेरिकी राजनयिक को तलब किया और भारत की चिंता से अवगत कराया। बैठक में भारत ने हमलों को लेकर अपना तीखा विरोध दर्ज कराया और कहा कि समुद्री सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं।
बताया जा रहा है कि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर फिलहाल दिल्ली से बाहर हैं, इसी वजह से यह विरोध औपचारिक रूप से जेसन मीक्स को सौंपा गया।
किन जहाजों पर हुआ हमला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में हुए हमलों में अलग-अलग जहाज शामिल रहे—
- एक पलाऊ-ध्वज वाले टैंकर पर हमला, जिसमें इंजन रूम में आग लग गई और तीन भारतीयों की मौत हुई
- एक अन्य भारतीय जहाज, जिस पर 24 भारतीय नाविक सवार थे, लेकिन सभी को सुरक्षित बचा लिया गया
- गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी जलवीर पर भी हमला हुआ बताया जा रहा है
इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है।
भारत का सख्त रुख
भारत ने इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
भारत ने अमेरिका से इन हमलों पर स्पष्ट जवाब और विस्तृत जानकारी देने की मांग की है, साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
निष्कर्ष
ओमान के तट पर जहाजों पर हुए हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत लगातार इस मुद्दे को कूटनीतिक स्तर पर उठा रहा है और अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख बनाए हुए है।

