महाराष्ट्र के गोंदिया जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। तिरोड़ा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल Bodelkasa Reservoir में नाव पलटने से दो युवकों की डूबकर मौत हो गई, जबकि सात अन्य युवकों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान मोहित वसंत रहांगडाले और कुणाल सालिकराम भोंडे के रूप में हुई है, जो तिरोड़ा तहसील के ग्राम बरबसपुरा के निवासी थे। दोनों अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने और घूमने के लिए जलाशय पहुंचे थे।
पिकनिक के दौरान हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि कुल 9 युवकों का एक समूह जलाशय पर घूमने और वाघदेव मंदिर में पूजा करने के बाद एक छोटी स्थानीय नाव (डोंगी) से वापस किनारे लौट रहा था। इसी दौरान गहरे पानी में नाव का संतुलन बिगड़ गया और सभी युवक पानी में गिर गए।
हादसे में मोहित और कुणाल गहरे पानी में डूब गए, जबकि बाकी सात युवक किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। सुरक्षित बचे युवकों में अक्षय नरेंद्र बिसेन, राकेश राधेशाम लाडे, निखिल इंदल पटले, लक्की संजय रहांगडाले, प्रलय राधेशाम पारधी, मनीष रमेश कोकूडे और अविनाश श्रावण टेकाम शामिल हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। देर शाम तक लगातार खोज अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
अगले दिन सुबह फिर से तलाशी अभियान तेज किया गया और गोताखोरों की मदद से दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए। शव मिलने के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए तिरोड़ा उप-जिला अस्पताल भेजा गया।
इलाके में शोक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक Vijaybhau Rahangdale भी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की। उन्होंने प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
इस दर्दनाक घटना के बाद बरबसपुरा गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने की मांग की है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर पर्यटन स्थलों और जलाशयों पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर नाव संचालन और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू होने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नाव संचालन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

