7 Jun 2026, Sun

हाईवे पर लगे बोर्ड हरे रंग के ही क्यों होते हैं ? रोज सफर करने वाले भी नहीं जानते इसकी वजह

Amazing Facts: जब भी हम किसी राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway), एक्सप्रेसवे या लंबी दूरी के मार्ग पर सफर करते हैं, तो रास्ते में लगे हरे रंग के साइनबोर्ड हमारी नजरों में जरूर आते हैं। इन बोर्डों पर शहरों के नाम, दूरी, दिशा, एग्जिट नंबर और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सफेद अक्षरों में लिखी होती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इन बोर्डों का रंग हरा ही क्यों रखा जाता है? लाल, नीला या पीला क्यों नहीं? इसके पीछे सिर्फ एक डिजाइन नहीं, बल्कि विज्ञान, मनोविज्ञान और सड़क सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण वजहें हैं।

हरा रंग क्यों चुना जाता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, हरा रंग मानव आंखों के लिए सबसे आरामदायक रंगों में से एक माना जाता है। लंबी दूरी तक वाहन चलाने के दौरान ड्राइवर की आंखों पर लगातार दबाव पड़ता है। ऐसे में हरा रंग आंखों को आराम देता है और थकान को कम करने में मदद करता है। यही कारण है कि दुनिया के अधिकांश देशों में हाईवे संकेतक बोर्डों के लिए हरे रंग का इस्तेमाल किया जाता है।

हरा रंग प्राकृतिक वातावरण, जैसे पेड़-पौधों और हरियाली से जुड़ा होता है। यह मानसिक रूप से शांति और स्थिरता का एहसास कराता है। लंबे सफर के दौरान यह ड्राइवर के तनाव को कम करने में मदद करता है और उसे सड़क पर अधिक ध्यान केंद्रित रखने में सहायता देता है।

सफेद अक्षरों के साथ बनता है बेहतरीन कॉन्ट्रास्ट

हरे रंग की पृष्ठभूमि पर सफेद अक्षर दूर से भी आसानी से दिखाई देते हैं। यह संयोजन उच्च कॉन्ट्रास्ट प्रदान करता है, जिससे वाहन चालक तेज गति में भी बोर्ड पर लिखी जानकारी को जल्दी पढ़ सकता है। खासकर रात के समय, जब वाहन की हेडलाइट बोर्ड पर पड़ती है, तब रेट्रो-रिफ्लेक्टिव सामग्री से बने ये बोर्ड और अधिक स्पष्ट दिखाई देते हैं।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर दृश्यता के कारण ड्राइवर समय रहते सही लेन चुन सकता है और अचानक ब्रेक लगाने या दिशा बदलने जैसी खतरनाक स्थितियों से बच सकता है।

अलग-अलग रंगों का होता है अलग मतलब

सड़क संकेतों में हर रंग का अपना विशेष महत्व होता है। लाल रंग खतरे, निषेध या चेतावनी को दर्शाता है। पीला या नारंगी रंग निर्माण कार्य या सावधानी संबंधी सूचनाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं नीले रंग के बोर्ड अस्पताल, पेट्रोल पंप, रेस्ट एरिया या अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की जानकारी देते हैं।

इसके अलावा, भूरे रंग के बोर्ड पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक जगहों की जानकारी देने के लिए लगाए जाते हैं। ऐसे में हरा रंग विशेष रूप से दिशा और मार्गदर्शन से जुड़ी सूचनाओं के लिए आरक्षित रखा गया है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों का भी पालन

भारत में सड़क संकेतों के रंग और डिज़ाइन भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार तय किए जाते हैं। ये मानक अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा प्रोटोकॉल से मेल खाते हैं। अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कई देशों में भी हाईवे संकेतक बोर्डों के लिए हरे रंग का ही इस्तेमाल किया जाता है।

सड़क सुरक्षा में निभाता है अहम भूमिका

हरे रंग के साइनबोर्ड केवल दिशा बताने का काम नहीं करते, बल्कि सड़क सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बेहतर दृश्यता, कम मानसिक तनाव और जानकारी को जल्दी समझने की क्षमता के कारण यह रंग ड्राइवरों के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।

यही वजह है कि जब भी आप अगली बार किसी हाईवे पर सफर करें और हरे रंग का साइनबोर्ड देखें, तो समझ जाइए कि इसके पीछे केवल रंग का चुनाव नहीं, बल्कि विज्ञान, मनोविज्ञान और सुरक्षा का पूरा तंत्र काम कर रहा है।

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