इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज Joe Root ने एक बड़ा ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस मुकाबले में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपनी 300वीं पारी पूरी कर ली और इसके साथ ही वह इंग्लैंड के पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।
149 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा कारनामा
इंग्लैंड क्रिकेट के 149 साल लंबे टेस्ट इतिहास में अब तक कोई भी बल्लेबाज 300 पारियों तक नहीं पहुंच सका था। लेकिन Joe Root ने यह उपलब्धि हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस रिकॉर्ड के साथ वह इंग्लैंड क्रिकेट के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं।
दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंचे रूट
ओवरऑल टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो जो रूट 300 पारियां खेलने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इस सूची में सबसे ऊपर भारत के महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar हैं, जिन्होंने अपने करियर में कुल 329 टेस्ट पारियां खेली थीं। इस तरह रूट अब केवल सचिन तेंदुलकर से पीछे हैं।
टेस्ट करियर में शानदार आंकड़े
Joe Root का टेस्ट करियर बेहद शानदार रहा है। अब तक उन्होंने 164 टेस्ट मैचों की 300 पारियों में लगभग 51 की औसत से 13,952 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 41 शतक और 66 अर्धशतक निकले हैं, जो उनकी निरंतरता और क्लास को दर्शाते हैं।
लॉर्ड्स टेस्ट में नहीं चला बल्ला
हालांकि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बावजूद लॉर्ड्स टेस्ट में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। पहली पारी में रूट सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए, जहां उन्हें विलियम ओ’रूर्की ने पवेलियन भेजा। इंग्लैंड की पूरी टीम पहली पारी में सिर्फ 140 रन पर सिमट गई।
दूसरी पारी में भी उनका बल्ला नहीं चला और वह केवल 8 रन ही बना सके। इस बार उन्हें नाथन स्मिथ ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। दोनों पारियों में फ्लॉप प्रदर्शन के बाद अब उनसे अगले मैच में बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है।
सचिन के रिकॉर्ड पर नजरें
Joe Root अब धीरे-धीरे महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar के कई बड़े रिकॉर्ड्स की ओर बढ़ रहे हैं। सबसे बड़ा रिकॉर्ड टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का है।
सचिन तेंदुलकर के नाम 15,921 रन हैं, जबकि रूट अभी 13,952 रन पर हैं। यानी उन्हें इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए लगभग 1,969 रन और बनाने होंगे।
निष्कर्ष
Joe Root का 300 टेस्ट पारियों तक पहुंचना क्रिकेट इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है। भले ही लॉर्ड्स टेस्ट में उनका प्रदर्शन साधारण रहा हो, लेकिन उनके करियर के आंकड़े उन्हें आधुनिक युग के सबसे महान टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल करते हैं।

