साल 2019 में रिलीज हुई Article 375 आज भी भारतीय कोर्टरूम ड्रामा फिल्मों में एक मजबूत उदाहरण मानी जाती है। यह फिल्म सीधे तौर पर कानून, न्याय व्यवस्था और रेप जैसे संवेदनशील मुद्दों की जटिलताओं को सामने लाती है। हाल ही में बॉबी देओल स्टारर ‘बंदर’ की चर्चा के बीच इस फिल्म की कहानी और थीम को भी दर्शक दोबारा याद कर रहे हैं, क्योंकि दोनों फिल्मों में समाज और कानून से जुड़े गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
इस फिल्म में अक्षय खन्ना ने वकील राजवीर आनंद का किरदार निभाया है, जबकि ऋचा चड्ढा सरकारी वकील के रूप में नजर आती हैं। दोनों के बीच कोर्टरूम में होने वाली बहसें ही फिल्म की आत्मा हैं। कहानी एक फिल्म डायरेक्टर रोहन खुराना (राहुल भट्ट) पर लगे रेप के आरोप के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां केस जितना सीधा दिखता है, उतना होता नहीं।
फिल्म की खास बात यह है कि यह दर्शकों को एक ही कहानी के दो अलग-अलग पहलू दिखाती है। एक तरफ आरोपी की दलीलें हैं और दूसरी तरफ पीड़िता का पक्ष। जैसे-जैसे केस आगे बढ़ता है, सच और झूठ के बीच की रेखा धुंधली होती जाती है, जिससे दर्शक लगातार कन्फ्यूज रहते हैं कि असल में सच क्या है।
अक्षय खन्ना का अभिनय इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। एक शांत लेकिन बेहद तेज दिमाग वाले वकील के रूप में उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली है। वहीं ऋचा चड्ढा भी अपने किरदार में मजबूती के साथ नजर आती हैं और कोर्टरूम को जीवंत बना देती हैं।
फिल्म का निर्देशन सामाजिक और कानूनी बारीकियों को गंभीरता से दिखाने की कोशिश करता है। कई सीन दर्शकों को सोचने पर मजबूर करते हैं कि कानून हमेशा नैतिकता के साथ कितना मेल खाता है। फिल्म का क्लाइमैक्स खास तौर पर काफी दमदार माना गया है, जो पूरे केस की दिशा को एक नया नजरिया देता है।
IMDb पर इस फिल्म को 8.1 रेटिंग मिली है, जो इसकी लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाती है। यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं देती, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि हर केस में “सच” हमेशा एक जैसा नहीं होता।
अगर आप कोर्टरूम ड्रामा और सस्पेंस से भरी फिल्मों के शौकीन हैं, तो Article 375 आपके लिए एक मजबूत विकल्प साबित हो सकती है, जो अंत तक आपकी सोच को चुनौती देती रहती है।

