कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उस समय झटका लगा जब उनकी करीबी मानी जाने वाली नेता कृष्णा चक्रवर्ती ने बिधाननगर नगर पालिका (Municipality) के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया।
कृष्णा चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे का कारण व्यक्तिगत बताया है, हालांकि इस फैसले के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही अंदरूनी हलचल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
लगातार इस्तीफों से बढ़ी TMC की मुश्किलें
इससे पहले कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद पार्टी के भीतर असंतोष की अटकलें और तेज हो गई थीं। अब एक और वरिष्ठ नेता के पद छोड़ने से TMC की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि पार्टी की ओर से इन इस्तीफों को व्यक्तिगत निर्णय बताया जा रहा है, लेकिन विपक्ष इसे संगठन के भीतर बढ़ती अस्थिरता के रूप में देख रहा है।
अंदरूनी विवाद की चर्चा तेज
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में पार्टी के भीतर कुछ विधायकों और नेताओं के बीच मतभेद की खबरें सामने आई हैं। कई नेताओं के अलग रुख अपनाने की अटकलों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
बताया जा रहा है कि पार्टी के कुछ विधायक नेतृत्व शैली और संगठनात्मक फैसलों से असंतुष्ट हैं, जिससे अंदरूनी खींचतान की स्थिति बनी हुई है।
TMC में राजनीतिक हलचल जारी
तृणमूल कांग्रेस पहले से ही राज्य में राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है और अब लगातार हो रहे इस्तीफों ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति को और प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें TMC नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह इस स्थिति को कैसे संभालता है और पार्टी में एकजुटता कैसे बनाए रखता है।

