मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल अपने सैन्य उद्देश्यों में विफल हो चुके हैं और अब वे ईरान के भीतर अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
खामेनेई का बयान
एक लिखित संदेश में खामेनेई ने कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाली व्यवस्था एक मजबूत और स्वतंत्र ईरान को स्वीकार नहीं कर सकती। उन्होंने इजरायल को उस “वैश्विक व्यवस्था की रचना” बताया जिसे वे नकारते हैं।
खामेनेई के मुताबिक, “सैन्य रूप से विफल होने के बाद अब दुश्मन जनता के धैर्य और नेतृत्व के बीच भ्रम पैदा करने की रणनीति अपना रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह अभियान संदेह, डर, निराशा और विभाजन फैलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
उन्होंने ईरानी जनता से अपील करते हुए कहा कि देश की एकता और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी लोग “दृढ़ता, समझदारी और एकजुटता” के साथ प्रतिक्रिया दें।
पाकिस्तान की संयम की अपील
इस बीच पाकिस्तान ने भी क्षेत्रीय तनाव को लेकर चिंता जताई है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कुवैत और बहरीन में हुए कथित हमलों के बाद सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
पाकिस्तान ने कहा कि मौजूदा हालात में युद्धविराम और कूटनीति ही सबसे बेहतर रास्ता है। बयान में यह भी कहा गया कि यदि सैन्य तनाव जारी रहा तो बातचीत और समाधान की संभावनाएं और कमजोर हो जाएंगी।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
मध्य पूर्व में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। लेबनान में हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका पर भी घरेलू और वैश्विक स्तर पर संघर्ष कम करने का दबाव बढ़ रहा है, क्योंकि ऊर्जा कीमतों और आर्थिक अनिश्चितता का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ रहा है।
ईरान का कहना है कि किसी भी संभावित समझौते में हिजबुल्लाह से जुड़े मुद्दों का समाधान भी शामिल होना चाहिए, जिससे क्षेत्रीय संकट और अधिक पेचीदा हो गया है।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से कूटनीतिक समाधान की उम्मीद कर रहा है।

