हैदराबाद से एक बड़ा फर्जीवाड़ा और आपराधिक मामला सामने आया है, जहां साइबराबाद पुलिस ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों का अपहरण और ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य अभी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा से जुड़े लोगों का नेटवर्क है, जो खास तौर पर व्यापारियों और संपन्न लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी पुलिस की वर्दी, नकली पहचान पत्र और रैंक बैज का इस्तेमाल कर लोगों को यह यकीन दिलाते थे कि वे असली पुलिसकर्मी हैं।
अपहरण कर की लाखों की वसूली
इस गिरोह की करतूत 18 मई को सामने आई, जब कुकटपल्ली निवासी कावूरी पूर्णचंद्र राव (42) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, जब वह प्रशांत नगर की ओर जा रहे थे, तभी शुभोधया कॉलोनी के पास कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी रोकी और खुद को पुलिसकर्मी बताया। आरोपियों ने कहा कि उनके खिलाफ हरियाणा में मामला दर्ज है और उन्हें जांच के लिए साथ चलना होगा।
इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को जबरन कार में बैठाया और सूर्यपेट ले गए। वहां उनसे ₹1 लाख नकद निकाला गया और बाद में हैदराबाद लौटकर उनसे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल ₹5.26 लाख की वसूली कर ली गई। इसके बाद गिरोह ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और उन्हें कुकटपल्ली इलाके में छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा
कुतुबुल्लापुर के DCP एन. कोटि रेड्डी ने बताया कि यह एक संगठित अपराध गिरोह है, जो फर्जी पहचान के सहारे लोगों को डराकर और धमकाकर पैसे ऐंठता था। जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास से पिस्तौल, पुलिस की वर्दी, नकली आईडी कार्ड और अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आंध्र प्रदेश के नागराजू रघु वर्मा उर्फ कर्नल कार्तिकेय सिंह, उत्तर प्रदेश के यशवंत सिंह उर्फ राहुल, सत्यभान सिंह उर्फ ठाकुर और हैदराबाद के थंगेल्लापल्ली नागेंद्र वर्मा के रूप में हुई है। वहीं बिहार के प्रदीप कुमार मिश्रा और हरियाणा के सुनील कुमार उर्फ फौजी अभी फरार हैं।
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य नेटवर्क और संभावित पीड़ितों की भी जांच की जा रही है। आशंका है कि यह गिरोह पहले भी कई लोगों को इसी तरह निशाना बना चुका है। साइबराबाद पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा खुद को पुलिस बताने पर तुरंत पहचान पत्र और आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करें।
फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं।

