5 Jun 2026, Fri

Video: डर के मारे बेड के नीचे छिपा TMC नेता, कट मनी वापस मांग रहे लोगों ने घेरा, पुलिस ने बचाया

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में एक बार फिर कथित ‘कट मनी’ विवाद चर्चा का विषय बन गया है। कूचबिहार जिले के माथाभंगा क्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता को कथित तौर पर अपने घर में बेड के नीचे छिपा हुआ देखा जा सकता है, जबकि बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनके घर के बाहर जमा होकर कथित तौर पर ‘कट मनी’ वापस करने की मांग कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी आवास योजनाओं और अन्य सरकारी लाभों का फायदा दिलाने के नाम पर उनसे हजारों रुपये वसूले गए थे। ग्रामीणों का दावा है कि कई लाभार्थियों से 5,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक की रकम ली गई थी। इसी कथित वसूली को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी और उन्होंने संबंधित नेता के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर टीएमसी नेता शाहिदुल मिया को अपने घर के अंदर छिपे हुए दिखाया गया है। स्थानीय लोगों के विरोध के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। बताया जा रहा है कि पुलिस ने संबंधित नेता को सुरक्षित बाहर निकाला।

भाजपा ने साधा निशाना

घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने टीएमसी सरकार और पार्टी नेताओं पर हमला बोला है। भाजपा आईटी सेल प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में कथित ‘कट मनी’ वसूली का मुद्दा लगातार सामने आ रहा है और अब हालात ऐसे हो गए हैं कि नेताओं को लोगों के गुस्से से बचने के लिए छिपना पड़ रहा है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर कथित तौर पर पैसे वसूलने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

पश्चिम बंगाल में ‘कट मनी’ का मुद्दा नया नहीं है। इससे पहले भी कई जिलों से ऐसे आरोप सामने आए हैं, जहां लोगों ने कथित तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले ली गई रकम वापस करने की मांग की थी। कुछ मामलों में स्थानीय नेताओं द्वारा पैसा लौटाने की खबरें भी सामने आई थीं।

स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ क्षेत्रों में आवास योजनाओं के लाभार्थियों को पहले दी गई राशि वापस मिलनी शुरू हो गई है। माथाभंगा के कुछ इलाकों में भी लोगों को कथित तौर पर रकम लौटाए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

राजनीतिक माहौल हुआ गरम

मामले के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विपक्ष जहां इसे भ्रष्टाचार का मामला बता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी तक इस घटना पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी राजनीतिक गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर बढ़ती जागरूकता के बीच ऐसे मुद्दे राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले पर लोगों और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

यह घटना एक बार फिर सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और लाभार्थियों तक बिना किसी बाधा के सुविधाएं पहुंचाने की आवश्यकता को लेकर चर्चा का विषय बन गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *