मुंबई: बॉलीवुड की आइकॉनिक फिल्मों में शुमार ‘कभी खुशी कभी गम’ आज भी दर्शकों के दिलों पर राज करती है। वर्ष 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की थी, बल्कि इसके किरदार भी दर्शकों की यादों में हमेशा के लिए बस गए। फिल्म में जहां शाहरुख खान, काजोल, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, ऋतिक रोशन और करीना कपूर जैसे सितारों ने अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता, वहीं बाल कलाकारों ने भी अपनी मासूमियत और अभिनय से खास पहचान बनाई थी।
फिल्म में छोटे रोहन उर्फ ‘लड्डू’ का किरदार निभाने वाले कविश मजूमदार उन चाइल्ड आर्टिस्ट्स में शामिल थे, जिन्हें दर्शकों ने खूब प्यार दिया। उनकी कॉमिक टाइमिंग, मासूम अंदाज और चुलबुले स्वभाव ने फिल्म में अलग ही रंग भर दिया था। हालांकि, फिल्म की सफलता के बाद जहां कई बाल कलाकार लगातार फिल्मों में नजर आए, वहीं कविश ने कुछ समय बाद अभिनय की दुनिया से दूरी बना ली।
‘कभी खुशी कभी गम’ कविश मजूमदार की पहली फिल्म थी। इस फिल्म के जरिए उन्होंने मनोरंजन जगत में कदम रखा और पहली ही फिल्म से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। फिल्म की सफलता के बाद दर्शकों को उम्मीद थी कि कविश का बॉलीवुड करियर लंबा और सफल रहेगा, लेकिन उन्होंने अलग रास्ता चुन लिया।
कॉलेज के दिनों में कविश की रुचि फिल्म निर्माण की ओर बढ़ी और उन्होंने शॉर्ट फिल्में बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने फिल्म निर्माण के तकनीकी पहलुओं को समझने के लिए पर्दे के पीछे काम करना शुरू किया। वर्ष 2009 में रिलीज हुई फिल्म ‘लक’ में उन्होंने सहायक निर्देशक के रूप में काम किया और फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं।
कुछ समय बाद कविश ने एक बार फिर अभिनय की ओर रुख किया। वह वर्ष 2013 में रिलीज हुई फिल्म ‘गोरी तेरे प्यार में’ में नजर आए। इसके बाद उन्होंने ‘मैं तेरा हीरो’ और ‘बैंकचोर’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। हालांकि, उन्हें वह लोकप्रियता दोबारा नहीं मिल सकी जो उन्हें बचपन में ‘कभी खुशी कभी गम’ से मिली थी।
इन वर्षों में कविश का लुक भी काफी बदल चुका है। फिल्म में एक गोल-मटोल और प्यारे बच्चे के रूप में नजर आने वाले कविश अब पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म हो चुके हैं। उन्होंने काफी वजन कम किया है और उनकी नई तस्वीरें देखकर कई लोग पहली नजर में उन्हें पहचान भी नहीं पाते। हालांकि उनके चेहरे की मासूमियत और मुस्कान आज भी वैसी ही दिखाई देती है, जैसी दर्शकों ने वर्षों पहले फिल्म में देखी थी।
सोशल मीडिया पर कविश काफी सक्रिय रहते हैं और अपने प्रशंसकों के साथ नियमित रूप से तस्वीरें और अपडेट साझा करते हैं। उनके ट्रांसफॉर्मेशन की तस्वीरें अक्सर इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन जाती हैं। फैंस भी उन्हें आज तक ‘लड्डू’ के नाम से याद करते हैं और उनकी पुरानी यादों को ताजा करते रहते हैं।
करीब ढाई दशक बाद भी ‘कभी खुशी कभी गम’ के किरदार लोगों के दिलों में जिंदा हैं। वहीं कविश मजूमदार का सफर यह दिखाता है कि फिल्मी दुनिया से दूर रहने के बावजूद एक कलाकार अपने प्रशंसकों के दिलों में हमेशा जगह बनाए रख सकता है।

