लखनऊ: उत्तर प्रदेश का बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे अपने उद्घाटन से पहले ही चर्चा का केंद्र बन गया है। राज्य के दो प्रमुख शहरों को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा का समय कम करेगा, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक के जरिए यात्रियों को एक नया अनुभव भी देगा। इस एक्सप्रेसवे पर ऐसा हाईटेक टोल सिस्टम लगाया जा रहा है, जिसकी मदद से वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक आधारित स्मार्ट टोल कलेक्शन सिस्टम स्थापित किया गया है। यह तकनीक वाहन के टोल प्लाजा तक पहुंचने से पहले ही उसकी नंबर प्लेट और फास्टैग की जानकारी पढ़ लेगी। इसके बाद टोल शुल्क स्वचालित रूप से संबंधित खाते से कट जाएगा और बैरियर अपने आप खुल जाएगा। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा और वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम हो जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था सड़क परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। वर्तमान में अधिकांश टोल प्लाजा पर फास्टैग व्यवस्था लागू है, लेकिन कई बार तकनीकी कारणों या अधिक ट्रैफिक के चलते वाहनों को रुकना पड़ता है। नई एएनपीआर तकनीक इस समस्या को काफी हद तक समाप्त कर देगी।
एक्सप्रेसवे को तेज रफ्तार यातायात को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। निजी वाहनों जैसे कार, एसयूवी और जीप के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जबकि वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। इतनी अधिक गति पर भी टोल प्रणाली सुचारु रूप से कार्य कर सके, इसके लिए हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों और उन्नत सेंसर तकनीक का उपयोग किया गया है।
इन कैमरों की विशेषता यह है कि वे तेज रफ्तार में गुजर रहे वाहनों की नंबर प्लेट को भी सटीक रूप से पहचान सकते हैं। इससे टोल संग्रहण प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी और वाहन बिना गति कम किए अपनी यात्रा जारी रख सकेंगे।
एक्सप्रेसवे के निर्माण में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। परीक्षण के दौरान पाया गया कि 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर भी सड़क पर वाहन स्थिर रहते हैं और ड्राइवर को किसी प्रकार का कंपन या असुविधा महसूस नहीं होती। कुछ परीक्षणों में एसयूवी वाहनों को 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक की गति पर भी चलाया गया, जहां सड़क की गुणवत्ता और स्थिरता संतोषजनक पाई गई।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। साथ ही व्यापार, उद्योग और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी। आधुनिक टोल प्रणाली और विश्वस्तरीय सड़क सुविधाओं के कारण यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे उन्नत राजमार्गों में शामिल हो सकता है।
हालांकि एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन इसकी अत्याधुनिक सुविधाओं की जानकारी सामने आने के बाद लोगों में उत्साह लगातार बढ़ रहा है। यात्रियों को उम्मीद है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

