आज के समय में अपना घर बनाना हर परिवार का सबसे बड़ा सपना होता है। लेकिन लगातार बढ़ती महंगाई और निर्माण सामग्री की बदलती कीमतों ने घर बनवाना पहले के मुकाबले काफी महंगा कर दिया है। खासकर सीमेंट, सरिया, ईंट और लेबर की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में अगर आप 100 गज के प्लॉट पर 2 मंजिला मकान बनाने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले सही बजट का अंदाजा होना बेहद जरूरी है।
निर्माण विशेषज्ञों के मुताबिक 100 गज का प्लॉट लगभग 900 स्क्वायर फीट के बराबर होता है। अगर इस प्लॉट पर ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर दोनों बनाए जाएं, तो कुल निर्माण क्षेत्र लगभग 1,800 स्क्वायर फीट हो जाता है। मौजूदा समय में भारत के अधिकांश टियर-1 और टियर-2 शहरों में एक स्टैंडर्ड क्वालिटी के घर का निर्माण खर्च करीब ₹1,600 से ₹2,200 प्रति स्क्वायर फीट तक पहुंच चुका है।
ऐसे में 100 गज में 2 मंजिला मकान बनाने का कुल खर्च लगभग ₹32 लाख से ₹38 लाख तक आ सकता है। हालांकि यह खर्च शहर, डिजाइन और इस्तेमाल होने वाले मटेरियल की गुणवत्ता के अनुसार कम या ज्यादा भी हो सकता है।
सबसे ज्यादा खर्च कहां होता है?
घर बनवाने में सबसे बड़ा हिस्सा बेसिक स्ट्रक्चर यानी नींव, दीवार, छत और पिलर पर खर्च होता है। इसे ग्रे स्ट्रक्चर कहा जाता है। कुल बजट का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा इसी पर खर्च हो जाता है।
एक 2 मंजिला मकान के लिए करीब 5 से 6 टन सरिये की जरूरत पड़ती है। मौजूदा बाजार कीमतों के अनुसार इसमें लगभग ₹3.5 लाख से ₹4 लाख तक का खर्च आ सकता है। वहीं करीब 850 से 900 बोरी सीमेंट लगती है, जिसकी लागत ₹3.2 लाख से ₹3.8 लाख तक पहुंच सकती है।
इसके अलावा ईंट, रेत और बजरी जैसे निर्माण सामग्री पर करीब ₹3 लाख से ₹4 लाख तक खर्च होता है। यानी सिर्फ ढांचा तैयार करने में ही बड़ा बजट लग जाता है।
फिनिशिंग में भी खर्च कम नहीं
जब घर का स्ट्रक्चर तैयार हो जाता है, तब असली फिनिशिंग का काम शुरू होता है। इसमें टाइल्स, पेंट, प्लंबिंग, बिजली फिटिंग और दरवाजे-खिड़कियों का काम शामिल होता है।
पूरे घर में अच्छी क्वालिटी की विट्रिफाइड टाइल्स लगाने का खर्च करीब ₹2 लाख से ₹2.5 लाख तक आ सकता है। वहीं अंदर और बाहर के पेंट व पुट्टी पर लगभग ₹1.5 लाख से ₹2 लाख तक खर्च होता है।
प्लंबिंग और इलेक्ट्रिकल फिटिंग भी बजट का बड़ा हिस्सा होती हैं। ब्रांडेड वायर, पाइप और सैनिटरी फिटिंग्स लगाने पर करीब ₹2.5 लाख से ₹3 लाख तक खर्च हो सकता है।
लेबर कॉस्ट भी बढ़ी
आजकल निर्माण कार्य में मजदूरी भी काफी महंगी हो चुकी है। लेबर कॉन्ट्रैक्ट का रेट ₹350 से ₹500 प्रति स्क्वायर फीट तक पहुंच गया है। ऐसे में 1,800 स्क्वायर फीट के मकान के लिए केवल मजदूरी पर ही ₹6.5 लाख से ₹8 लाख तक खर्च आ सकता है।
कैसे बचाएं लाखों रुपये?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सही प्लानिंग की जाए तो निर्माण लागत में अच्छी-खासी बचत की जा सकती है।
- निर्माण सामग्री खुद खरीदने से 10 से 15 प्रतिशत तक बचत हो सकती है।
- सिंपल और सीधा डिजाइन चुनने से सरिया और कंक्रीट की खपत कम होती है।
- काम शुरू होने से पहले बिजली और प्लंबिंग की पूरी प्लानिंग कर लेने से बाद में तोड़फोड़ का खर्च बचता है।
निष्कर्ष
100 गज में 2 मंजिला मकान बनाना आज के समय में बड़ा निवेश माना जाता है। सही बजट, अच्छी प्लानिंग और समझदारी से मटेरियल खरीदकर आप लाखों रुपये की बचत कर सकते हैं। घर बनाने से पहले लागत का पूरा अनुमान लगाना और विशेषज्ञों से सलाह लेना बेहद जरूरी है, ताकि बाद में बजट बिगड़ने की परेशानी न हो।

