भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे लंबे समय से दबाव में चल रहे निवेशकों को बड़ी राहत मिली। मजबूत वैश्विक संकेतों, रुपये में सुधार और घरेलू बाजार में बढ़ी खरीदारी के चलते BSE सेंसेक्स और Nifty 50 दोनों इंडेक्स हरे निशान में खुलकर मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए।
सुबह के शुरुआती सत्र में ही सेंसेक्स ने करीब 550 अंकों की छलांग लगाई और 75,800 के ऊपर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,800 के पार कारोबार करता दिखाई दिया। इस तेजी ने बाजार में सकारात्मक माहौल बना दिया और निवेशकों की धारणा में सुधार देखा गया।
चौतरफा खरीदारी से बाजार मजबूत
बाजार में सिर्फ बड़े इंडेक्स ही नहीं, बल्कि सभी सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली। विशेष रूप से रियल्टी, पावर, कैपिटल गुड्स और सर्विस सेक्टर के शेयरों में मजबूत तेजी दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी बाजार को सपोर्ट दिया और इनमें अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बाजार में बढ़त वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों की तुलना में काफी अधिक रही, जो मजबूत निवेशक भरोसे का संकेत है।
रुपये में सुधार से मिला सपोर्ट
भारतीय मुद्रा रुपये में भी गुरुवार को सुधार देखने को मिला, जिसने बाजार की धारणा को मजबूत किया। पिछले सत्र में रिकॉर्ड कमजोरी के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 96.82 के स्तर से संभलकर 96.30 पर खुला।
विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कमी के कारण रुपये को सहारा मिला है। रुपये की स्थिरता का सीधा असर शेयर बाजार पर भी सकारात्मक रूप से पड़ा।
VIX में गिरावट, घटा निवेशकों का डर
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला India VIX इंडेक्स भी 4 प्रतिशत से अधिक गिरा, जो यह संकेत देता है कि निवेशकों की घबराहट कम हुई है।
VIX में गिरावट का मतलब है कि बाजार में अनिश्चितता घट रही है और निवेशक जोखिम लेने के लिए फिर से तैयार हो रहे हैं। इससे बाजार में स्थिरता और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
ग्लोबल संकेतों ने बढ़ाया भरोसा
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी भारतीय शेयर बाजार को सपोर्ट किया। अमेरिका और एशियाई बाजारों में स्थिरता के चलते निवेशकों की धारणा मजबूत हुई।
इसके साथ ही ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव में तत्काल वृद्धि की आशंका कम होने से भी बाजार को राहत मिली है। वैश्विक माहौल में थोड़ी स्थिरता आने से निवेशकों ने खरीदारी बढ़ाई।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी अच्छी तेजी देखने को मिली, जिससे यह साफ संकेत मिला कि बाजार में केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर खरीदारी हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक बाजार में यह चौतरफा भागीदारी बनी रहती है, तब तक तेजी को मजबूत आधार मिलता है।
आगे बाजार की दिशा कैसी रहेगी?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं और रुपये में स्थिरता जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में आगे भी तेजी की संभावना बनी हुई है।
हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखें, क्योंकि ये कारक बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
निष्कर्ष
गुरुवार का कारोबार भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरा रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में आई मजबूत तेजी ने निवेशकों को नई उम्मीद दी है। रुपये में सुधार और वैश्विक स्थिरता के संकेतों ने बाजार को सहारा दिया है। अगर यह रुझान जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है।

