भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर कमजोरी देखने को मिली। घरेलू बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई, जहां बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
बुधवार सुबह बीएसई सेंसेक्स 394.36 अंक यानी 0.52 प्रतिशत टूटकर 74,806.49 अंक पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 160.75 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,457.25 अंक पर कारोबार शुरू करता नजर आया।
मंगलवार को भी बाजार ने हरे निशान में शुरुआत की थी, लेकिन कारोबार के अंत तक दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे।
बाजार में बिकवाली का दबाव
आज के कारोबार में बाजार पर चौतरफा बिकवाली का दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से सिर्फ एक कंपनी का शेयर बढ़त के साथ खुला, जबकि बाकी 29 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
इसी तरह निफ्टी 50 की 50 कंपनियों में से केवल एक शेयर ही हरे निशान में खुला, जबकि बाकी 49 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
टीसीएस बना अकेला गेनर
सेंसेक्स की कंपनियों में Tata Consultancy Services (TCS) का शेयर ही बढ़त के साथ खुला। कंपनी के शेयर में करीब 0.14 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
वहीं दूसरी ओर, Bharat Electronics Limited (BEL) के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। कंपनी का शेयर करीब 2.04 प्रतिशत टूटकर खुला।
किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट
बाजार खुलते ही कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखी गई। Tata Steel के शेयर करीब 1.94 प्रतिशत टूटे। इसके अलावा मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
आईटी सेक्टर में भी कमजोरी रही। टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और इंफोसिस के शेयर लाल निशान में खुले।
गिरावट की बड़ी वजहें
विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी जारी है, जिसका असर भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है।
इसके अलावा अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और वैश्विक आर्थिक चिंताओं ने भी निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है।
निवेशकों में बढ़ी सतर्कता
बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करेंगी।
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरू हुई यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है। लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा। अब निवेशकों की नजरें वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक घटनाओं पर टिकी हैं, जो आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की चाल तय करेंगे।

