18 May 2026, Mon

FCI जुटाएगा 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज, 22 मई को खोली जाएंगी जमा निविदाएं

देश में खाद्यान्न खरीद और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुचारू बनाए रखने के लिए Food Corporation of India (FCI) बड़ा वित्तीय कदम उठाने जा रहा है। भारतीय खाद्य निगम अलग-अलग अनुसूचित बैंकों से तीन महीने की अवधि के लिए 50,000 करोड़ रुपये का अल्पकालिक कर्ज जुटाएगा। इस योजना में अतिरिक्त 25,000 करोड़ रुपये तक जुटाने का ‘ग्रीन शू’ विकल्प भी शामिल है। यानी जरूरत पड़ने पर कुल उधारी 75,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक यह धनराशि खाद्यान्न खरीद, भंडारण और वितरण के दौरान पैदा होने वाले नकदी प्रवाह असंतुलन को संभालने के लिए जुटाई जा रही है। इस संबंध में जमा की गई निविदाएं 22 मई को खोली जाएंगी।

बिना गारंटी और बिना प्रतिभूति लिया जाएगा कर्ज

अधिकारियों ने बताया कि यह अल्पकालिक कर्ज बिना किसी प्रतिभूति के आधार पर लिया जाएगा। खास बात यह है कि खाद्य ऋण के लिए एफसीआई को उपलब्ध भारत सरकार की 6,000 करोड़ रुपये की गारंटी इस उधारी पर लागू नहीं होगी।

निविदा दस्तावेजों के अनुसार, बैंकिंग प्रस्ताव 31 अगस्त तक वैध रहेंगे। वहीं, कर्ज का वितरण एकमुश्त नहीं होगा, बल्कि एफसीआई की परिचालन जरूरतों के अनुसार अलग-अलग चरणों में किया जाएगा।

राशन और खाद्य सुरक्षा योजनाओं में अहम भूमिका

Food Corporation of India देश में खाद्यान्न खरीद और वितरण के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख एजेंसी है। एफसीआई किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं और धान जैसी फसलों की खरीद करती है और बाद में इन्हें राशन कार्ड धारकों तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचाया जाता है।

देश में करोड़ों लोगों को मुफ्त या रियायती दर पर राशन उपलब्ध कराने में एफसीआई की अहम भूमिका है। यही वजह है कि खाद्यान्न खरीद सीजन के दौरान एजेंसी को बड़े पैमाने पर फंड की जरूरत पड़ती है।

गेहूं खरीद में पंजाब सबसे आगे

वर्तमान में एफसीआई देशभर में गेहूं खरीद अभियान चला रही है। चालू विपणन सत्र 2026-27 के दौरान अब तक एफसीआई और राज्य एजेंसियों ने किसानों से 2.297 करोड़ टन गेहूं की खरीद की है।

इस खरीद में Punjab सबसे आगे है, जहां से 1.051 करोड़ टन गेहूं खरीदा गया है। इसके बाद Madhya Pradesh दूसरे स्थान पर है, जहां से 67.2 लाख टन गेहूं खरीदा गया। वहीं Haryana से 25.8 लाख टन और Rajasthan से 17.7 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है।

सरकार ने रखा बड़ा लक्ष्य

केंद्र सरकार ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए कुल 3.449 करोड़ टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को MSP का लाभ दिलाना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए पर्याप्त खाद्यान्न भंडार बनाए रखना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एफसीआई द्वारा इतनी बड़ी राशि का अल्पकालिक कर्ज जुटाना इस बात का संकेत है कि सरकार खाद्य सुरक्षा योजनाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए वित्तीय संसाधनों को मजबूत कर रही है।

नकदी प्रबंधन के लिए जरूरी कदम

आर्थिक जानकारों के अनुसार, खाद्यान्न खरीद के दौरान एफसीआई को किसानों को समय पर भुगतान करना होता है, जबकि सरकारी सब्सिडी और वितरण से जुड़ी राशि बाद में मिलती है। इसी अंतर को संतुलित करने के लिए एजेंसी समय-समय पर अल्पकालिक कर्ज का सहारा लेती है।

इस कदम से गेहूं खरीद अभियान को गति मिलने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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