10 Jun 2026, Wed

नोएडा एयरपोर्ट से मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ और हैदराबाद का कितना होगा किराया? देखें IndiGo की फेयर लिस्ट

जेवर से उड़ान भरने को तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 15 जून 2026 से शुरू होगा ऑपरेशन

दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून 2026 से फ्लाइट संचालन की शुरुआत होने जा रही है। यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई उड़ान देने के साथ-साथ देश के एविएशन नेटवर्क में भी बड़ा बदलाव लाने वाला माना जा रहा है।

पहले चरण में इंडिगो एयरलाइंस यहां से घरेलू उड़ानें शुरू करेगी। शुरुआती फेज में लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी फ्लाइट्स उपलब्ध होंगी। इसके बाद 1 जुलाई 2026 से मुंबई, जयपुर, भोपाल, चंडीगढ़, देहरादून समेत कई अन्य शहरों के लिए भी नियमित उड़ानें शुरू कर दी जाएंगी।

पहले दिन चार उड़ानों से शुरुआत

15 जून को एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही पहले दिन लखनऊ और बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ानें शुरू होंगी। शुरुआती दिन कुल चार उड़ान संचालन (टेकऑफ और लैंडिंग मिलाकर) किए जाएंगे। इसके बाद धीरे-धीरे उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

इंडिगो एयरलाइंस की योजना के मुताबिक, पहले फेज में रोजाना लगभग 28 फ्लाइट्स विभिन्न शहरों के लिए संचालित की जाएंगी, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

टिकट बुकिंग शुरू, किराए में डायनामिक बदलाव

इंडिगो ने फ्लाइट शेड्यूल के साथ टिकट बुकिंग भी शुरू कर दी है। शुरुआती किराए शहरों के अनुसार अलग-अलग तय किए गए हैं। एयरलाइन के अनुसार ये किराए इकोनॉमी क्लास के हैं और डायनामिक प्राइसिंग मॉडल पर आधारित होंगे, यानी यात्रा की तारीख, डिमांड और सीट उपलब्धता के हिसाब से इनमें बदलाव हो सकता है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कोड DXN रखा गया है, जबकि बेंगलुरु (BLR), लखनऊ (LKO), अमृतसर (ATQ) और मुंबई (BOM) जैसे प्रमुख शहरों के लिए कनेक्टिविटी पहले चरण में शुरू की जाएगी।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल दिल्ली-एनसीआर की हवाई भीड़ कम होगी, बल्कि वेस्टर्न यूपी के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। इससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में भी बड़ा विस्तार होने की उम्मीद है।

यह एयरपोर्ट भारत के सबसे आधुनिक एविएशन प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है, और इसके संचालन के साथ ही जेवर क्षेत्र देश के प्रमुख हवाई हब के रूप में उभरने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

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