कटिहार रेलवे जंक्शन से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने रेलवे स्टेशन पर बिकने वाले खाने-पीने के सामान की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं कथित तौर पर पुराने और पीले पड़ चुके खीरों को हरे रंग के घोल में डुबोकर उन्हें ताजा दिखाने की कोशिश करती नजर आ रही हैं। दावा किया जा रहा है कि इन खीरों को बाद में रेलवे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को बेच दिया जाता है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है और खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता गहराने लगी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिलाएं प्लेटफॉर्म के किनारे बैठकर खीरों को एक हरे रंग के तरल पदार्थ में डुबो रही हैं। वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर्स का आरोप है कि सड़े या खराब हो चुके खीरों को इस तरह रंगकर ताजा दिखाया जा रहा था ताकि यात्रियों को आसानी से बेचा जा सके। वायरल वीडियो ने देखते ही देखते हजारों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और लोग इसे आम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ बता रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने इसे “स्लो पॉइजन” करार दिया और रेलवे स्टेशनों पर बिकने वाले खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। कुछ लोगों ने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर बिना जांच के बिकने वाली खाद्य सामग्री यात्रियों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। वहीं, कई यूजर्स ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
मामले के तूल पकड़ने के बाद भारतीय रेलवे ने भी प्रतिक्रिया दी है। रेलवे सेवा के आधिकारिक एक्स हैंडल से जानकारी दी गई कि मामले को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो में इस्तेमाल किया गया पदार्थ वास्तव में केमिकल था या कोई सामान्य रंग, लेकिन वायरल वीडियो ने खाद्य सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंताओं को जरूर बढ़ा दिया है।
कटिहार रेलवे जंक्शन पूर्व मध्य रेलवे का एक प्रमुख स्टेशन है, जहां हर दिन हजारों यात्री आवाजाही करते हैं। स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में फल और सब्जी विक्रेता भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना सामने आना यात्रियों की सेहत और रेलवे परिसर में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फलों और सब्जियों को चमकदार या ताजा दिखाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सिंथेटिक रंग और केमिकल स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे पदार्थों के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां, एलर्जी और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। फिलहाल लोग रेलवे और खाद्य सुरक्षा विभाग से मामले में सख्त कार्रवाई और नियमित जांच अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं।

