देशभर के श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी और अहम पहल की शुरुआत की है। गुरुवार को सरकार ने 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी कामगारों के लिए मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच (Free Annual Health Check-up) कार्यक्रम शुरू किया। इस अभियान का उद्देश्य श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना, बीमारियों की समय रहते पहचान करना और उनके जीवन स्तर को सुधारना है।
इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम की शुरुआत कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के दिल्ली स्थित मेडिकल कॉलेज और अस्पताल समेत देश के 11 अन्य ESIC अस्पतालों में एक साथ की गई। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री ने इस मौके पर कहा कि यह पहल सरकार की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें “श्रम शक्ति” को सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा देना प्राथमिकता है।
सरकार का मानना है कि इस तरह की नियमित स्वास्थ्य जांच से गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है, जिससे समय रहते इलाज संभव होगा और श्रमिकों की कार्यक्षमता भी बनी रहेगी। खासकर 40 साल से ऊपर के श्रमिकों में डायबिटीज, हृदय रोग, ब्लड प्रेशर और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस योजना के तहत ESIC नेटवर्क से जुड़े लाभार्थियों को हर साल बिना किसी शुल्क के विस्तृत मेडिकल जांच की सुविधा मिलेगी। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में इस सुविधा को और व्यापक बनाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को इसका लाभ मिल सके।
पिछले कुछ वर्षों में ESIC का दायरा भी तेजी से बढ़ा है। पहले जहां सीमित संख्या में ही श्रमिक इसके दायरे में आते थे, वहीं अब करोड़ों श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के इस नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। सरकार ने बताया कि नए श्रम सुधारों के तहत गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स और छोटे प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार, इस पहल का एक बड़ा उद्देश्य यह भी है कि श्रमिकों को इलाज के लिए आर्थिक बोझ न उठाना पड़े और वे समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकें। सरकार का कहना है कि स्वस्थ श्रमिक ही मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य पर निवेश करना देश के विकास के लिए जरूरी है।
इस नए स्वास्थ्य अभियान को श्रमिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में देश की कार्यबल व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाएगा।

