4 May 2026, Mon

मुंबई: बांद्रा ईस्ट में जारी रहेगी झुग्गियों को हटाने की कार्रवाई, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी अनुमति

बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बांद्रा ईस्ट में रेलवे की कार्रवाई जारी रहेगी, पात्र झुग्गीवासियों को राहत सुनिश्चित करने के निर्देश

मुंबई में झुग्गी पुनर्विकास और अतिक्रमण हटाने से जुड़े एक अहम मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि रेलवे को बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर क्षेत्र में अवैध और अनधिकृत ढांचों को हटाने की कार्रवाई जारी रखने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इस प्रक्रिया में पात्र झुग्गीवासियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि पहले और दूसरे सर्वे (10 और 11 अगस्त 2021) में जिन झुग्गीवासियों को पात्र के रूप में चिन्हित किया गया था, उनके हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि योग्य निवासियों को बेघर नहीं किया जाए और उनके पुनर्वास की व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न हो।

रेलवे की कार्रवाई को मिली मंजूरी

रेलवे की ओर से रेलवे ट्रैक के पास बने अवैध ढांचों को हटाने की कार्रवाई पहले से ही जारी थी। कई याचिकाकर्ताओं ने इस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया वैध है और इसे आगे भी जारी रखा जा सकता है।

अगली सुनवाई जुलाई 2026 में

इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर अगली सुनवाई 8 जुलाई 2026 को होगी। तब तक रेलवे को निर्देशों के अनुसार कार्रवाई जारी रखने की अनुमति दी गई है।

पुनर्विकास परियोजना को मिली रफ्तार

मुंबई के बांद्रा स्थित भारत नगर क्षेत्र में लगभग 44 एकड़ जमीन पर पुनर्विकास परियोजना को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। इस परियोजना के तहत 7,000 से अधिक परिवारों के पुनर्वास की योजना है।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस पुनर्विकास परियोजना को मंजूरी दी है, जिससे विकास कार्यों को गति मिली है। पहले इन परियोजनाओं के लिए झुग्गीवासियों की सहमति जरूरी होती थी, लेकिन अब नियमों में बदलाव के बाद प्रशासन को बिना सहमति के भी पुनर्विकास कार्य आगे बढ़ाने की अनुमति मिल गई है।

प्रशासन की कार्रवाई तेज

पश्चिमी रेलवे ने बांद्रा टर्मिनस के आसपास की कई अवैध बस्तियों को हटाकर वहां फेंसिंग का काम शुरू कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास के लिए जरूरी है।

कोर्ट ने अपने आदेश में संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया है, ताकि विकास कार्य भी जारी रहें और पात्र नागरिकों के अधिकारों की भी रक्षा हो सके।

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