देशभर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी का असर अब साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। 1 मई 2026 से लागू हुई इस बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग की कमर तोड़ दी है। इसी के विरोध में Kerala Hotel and Restaurant Association (KHRA) ने 6 मई को पूरे Kerala में बंद और विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
KHRA के इस फैसले के तहत राज्यभर के होटल, रेस्टोरेंट, छोटे भोजनालय और सड़क किनारे खाने-पीने की दुकानें 6 मई को बंद रहेंगी। संगठन का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर के दामों में भारी वृद्धि के बाद कारोबार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। खासतौर पर छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।
नई दरों के अनुसार, 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत Thiruvananthapuram में 3106 रुपये, Kochi में 3085 रुपये और Kozhikode में 3117 रुपये तक पहुंच गई है। कीमतों में यह उछाल सीधे तौर पर होटल इंडस्ट्री के खर्चों को बढ़ा रहा है, जिससे खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ने की आशंका है। इसका असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ सकता है।
KHRA के पदाधिकारियों का कहना है कि पहले से ही उद्योग कई चुनौतियों का सामना कर रहा था। Middle East में जारी तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, जिससे गैस की उपलब्धता और लागत दोनों पर असर पड़ा है। ऐसे में सिलेंडर की कीमतों में एक साथ इतनी बड़ी बढ़ोतरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
उद्योग संगठनों के अनुसार, कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में करीब 933 से 993 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है, जिसे “गंभीर झटका” बताया जा रहा है। उनका कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो कई छोटे व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं। इससे रोजगार पर भी असर पड़ेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है।
KHRA ने केंद्र और राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन का कहना है कि या तो कीमतों में वृद्धि को वापस लिया जाए या फिर होटल उद्योग को राहत देने के लिए सब्सिडी या अन्य सहायता प्रदान की जाए। उनका यह भी कहना है कि अगर सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का सीधा असर सेवा क्षेत्र पर पड़ता है, खासकर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर। यह क्षेत्र बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देता है, इसलिए इसकी स्थिरता बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, केरल में 6 मई को होने वाला यह बंद न केवल उद्योग की परेशानी को उजागर करेगा, बल्कि सरकार के लिए भी एक बड़ा संकेत होगा कि बढ़ती लागत के मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। आने वाले दिनों में सरकार का रुख और संभावित फैसले इस संकट की दिशा तय करेंगे।

