अमेरिका में पाकिस्तानी मूल के डॉक्टर पर गंभीर आरोप, अमेरिकी नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
वॉशिंगटन: अमेरिका में एक पाकिस्तानी मूल के डॉक्टर से जुड़े गंभीर आपराधिक मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। आरोपी का नाम Hasan Sharjeel Khan बताया जा रहा है, जिस पर नाबालिग लड़की के यौन शोषण के गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। मामले के सामने आने के बाद अमेरिकी न्याय विभाग (United States Department of Justice) ने उसकी अमेरिकी नागरिकता रद्द करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ऑनलाइन चैट से शुरू हुआ मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार यह मामला 2007-2008 के बीच शुरू हुआ, जब आरोपी ने एक 11 वर्षीय लड़की से ऑनलाइन गेमिंग चैट रूम के जरिए संपर्क स्थापित किया। शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे लंबे समय तक चलने वाले डिजिटल संपर्क में बदल गई, जिसे बाद में अभियोजन पक्ष ने “ग्रूमिंग” यानी भावनात्मक रूप से प्रभावित कर शोषण करने की प्रक्रिया बताया।
वर्षों तक चला शोषण
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने वर्षों तक नाबालिग लड़की के साथ संपर्क बनाए रखा और उसे आपत्तिजनक गतिविधियों के लिए मजबूर किया। इसमें आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने का दबाव और वीडियो कॉल पर यौन गतिविधियों में शामिल करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। बताया गया है कि यह शोषण लगभग 2013 तक जारी रहा।
विदेश यात्रा और अतिरिक्त आरोप
मामले में यह भी सामने आया कि 2012 में अमेरिकी नागरिकता के आवेदन से कुछ समय पहले आरोपी लंदन गया, जहां उसने कथित तौर पर उस पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। उस समय पीड़िता की उम्र 15 वर्ष बताई गई है।
अदालत में स्वीकारोक्ति और सजा
2015 में गिरफ्तारी के बाद 2016 में आरोपी ने अदालत में अपने अपराध स्वीकार कर लिए। उसे नाबालिग के यौन शोषण और प्रलोभन के आरोपों में 17 साल की जेल की सजा सुनाई गई। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, उसने पीड़िता की उम्र और उसकी नाबालिग स्थिति के बारे में जानते हुए यह अपराध किए।
नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई
अब अमेरिकी न्याय विभाग ने 2026 में न्यूयॉर्क कोर्ट में सिविल केस दायर कर उसकी नागरिकता रद्द करने की मांग की है। विभाग का कहना है कि आरोपी ने नागरिकता प्राप्त करते समय अपने आपराधिक इतिहास को छिपाया था, जिससे यह प्रक्रिया धोखाधड़ी के आधार पर प्राप्त मानी जा सकती है।
फिलहाल आरोपी जेल में सजा काट रहा है और उसकी उम्र लगभग 38 वर्ष बताई जा रही है। यह मामला अमेरिका में उन विदेशी मूल के अपराधियों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है, जिन पर गंभीर अपराधों के बावजूद नागरिकता प्राप्त करने के आरोप हैं।
ऑनलाइन सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की निगरानी और डिजिटल सुरक्षा बेहद जरूरी है। इस मामले ने यह भी दिखाया है कि ऑनलाइन बातचीत कैसे लंबे समय में गंभीर अपराधों का रूप ले सकती है।

