Paranormal Activity: 19 साल बाद भी लोगों के रोंगटे खड़े कर देने वाली हॉरर फिल्म
मनोरंजन जगत में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो समय बीतने के बावजूद दर्शकों के मन में अपनी गहरी छाप छोड़ जाती हैं। ऐसी ही एक हॉरर फिल्म है Paranormal Activity, जिसे आज भी दुनिया की सबसे डरावनी फिल्मों में गिना जाता है। करीब 19 साल पहले रिलीज हुई इस फिल्म ने दर्शकों को ऐसा खौफ दिया था कि कई लोग इसे अकेले देखने से डरने लगे थे।
सिर्फ 1 घंटा 26 मिनट की यह फिल्म अपने अनोखे अंदाज और रियलिस्टिक स्टाइल की वजह से हॉरर जॉनर में एक बड़ा बदलाव लेकर आई। इसकी कहानी और प्रस्तुति इतनी वास्तविक लगती है कि दर्शक खुद को फिल्म का हिस्सा महसूस करने लगते हैं।
‘फाउंड फुटेज’ स्टाइल ने बढ़ाया डर
साल 2007 में रिलीज हुई इस फिल्म को ओरन पेली ने निर्देशित किया था। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका फाउंड फुटेज स्टाइल था, जिसमें पूरी कहानी सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग की तरह दिखाई गई है। यही कारण है कि दर्शकों को यह फिल्म किसी असली घटना की रिकॉर्डिंग जैसी लगती है।
फिल्म की कहानी एक युवा कपल केटी और मीका के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कैलिफोर्निया में एक नए घर में रहते हैं। जल्द ही उन्हें अपने घर में अजीब और डरावनी घटनाओं का अनुभव होने लगता है। इन घटनाओं को रिकॉर्ड करने के लिए वे घर में कैमरे लगाते हैं, लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, घटनाएं और भी खतरनाक और हिंसक होती जाती हैं।
कम बजट, लेकिन रिकॉर्डतोड़ कमाई
इस फिल्म की सबसे हैरान करने वाली बात इसका बजट है। इसे मात्र 12 लाख रुपये (करीब 15,000 डॉलर) में बनाया गया था। लेकिन रिलीज के बाद इसने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की और करीब 1600 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली।
अगर पूरी Paranormal Activity फ्रैंचाइज़ी की बात करें तो इसके 7 पार्ट्स बनाए जा चुके हैं, जिनकी कुल कमाई 7300 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है। इस सीरीज को हॉरर फिल्मों की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली फ्रैंचाइज़ी माना जाता है।
हॉरर की नई परिभाषा
2007 से लेकर 2021 तक इस फिल्म के कई सीक्वल रिलीज हुए, जिनमें हर बार डर का नया स्तर देखने को मिला। इस फिल्म ने साबित किया कि डर पैदा करने के लिए बड़े बजट या सुपरस्टार्स की जरूरत नहीं होती, बल्कि एक मजबूत आइडिया और रियलिस्टिक प्रेजेंटेशन ही दर्शकों को बांध सकता है।
आज भी Paranormal Activity हॉरर फिल्म प्रेमियों की लिस्ट में टॉप पर रहती है। यह फिल्म उन चुनिंदा फिल्मों में से एक है जिसे देखने के बाद दर्शक लंबे समय तक उसके सीन भूल नहीं पाते। खासकर रात के अंधेरे में इसे अकेले देखने की सलाह नहीं दी जाती।

