गर्मी के मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, कब्ज, पेट दर्द और ब्लोटिंग आम हो जाती हैं। अक्सर लोग इन्हें मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ये लक्षण Irritable Bowel Syndrome यानी IBS के संकेत भी हो सकते हैं। यह एक ऐसी समस्या है, जिसमें आंतों की संरचना तो सामान्य रहती है, लेकिन उनका कामकाज प्रभावित हो जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि IBS आज के समय में तेजी से बढ़ रही एक आम लेकिन जटिल बीमारी बनती जा रही है। इसमें मरीज को बार-बार पेट दर्द, मरोड़, गैस, दस्त और कब्ज जैसी समस्याएं होती हैं। कई लोगों को यह महसूस होता है कि उनका पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ है, जिससे दिनभर असहजता बनी रहती है।
IBS होने के पीछे केवल खानपान ही जिम्मेदार नहीं होता, बल्कि मानसिक तनाव, खराब नींद, चिंता और लाइफस्टाइल भी इसके बड़े कारण हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, हमारा दिमाग और आंतें आपस में गहराई से जुड़े होते हैं, जिसे ‘ब्रेन-गट कनेक्शन’ कहा जाता है। जब व्यक्ति लगातार तनाव में रहता है, तो इसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है और आंतों की कार्यप्रणाली बिगड़ने लगती है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में करोड़ों लोग आंतों से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं और उनमें IBS के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसके लक्षणों में गैस, कब्ज, दस्त, पेट दर्द, सिरदर्द, स्किन एलर्जी और वजन में कमी शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट भी बताती है कि तनाव पाचन तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करता है और इससे शरीर की इम्यूनिटी भी कमजोर होती है।
गर्मी के मौसम में बेल का शर्बत एक पारंपरिक और असरदार उपाय माना जाता है। Bael fruit से बना शर्बत शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। इसमें मौजूद फाइबर, पेक्टिन और टैनिन जैसे तत्व दस्त और पेट की गड़बड़ी को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल शर्बत पीना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके साथ संतुलित आहार और सही दिनचर्या भी जरूरी है।
योग और आयुर्वेद के जानकार Swami Ramdev के अनुसार, IBS से राहत पाने के लिए जीवनशैली में सुधार करना बेहद जरूरी है। सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना, एलोवेरा, आंवला और गिलोय का सेवन करना और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा, सौंफ, जीरा, धनिया और मेथी जैसे घरेलू उपाय भी पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं, ताकि पाचन प्रक्रिया सही ढंग से हो सके। नियमित योग, प्राणायाम और पर्याप्त नींद IBS के लक्षणों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कुल मिलाकर, IBS कोई साधारण पेट की समस्या नहीं है, बल्कि यह एक लंबे समय तक रहने वाली स्थिति है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अगर लंबे समय तक पेट से जुड़ी समस्याएं बनी रहती हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सही समय पर पहचान और उपचार से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और जीवन को फिर से सामान्य बनाया जा सकता है।

