आज के दौर में बदलती जीवनशैली, बढ़ते प्रदूषण और नई-नई बीमारियों के खतरे के बीच सिर्फ बच्चों ही नहीं, बल्कि वयस्कों के लिए भी टीकाकरण बेहद जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर लगाए गए टीके कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका हैं। Dr. Santosh Kumar Agarwal के अनुसार, युवाओं और वयस्कों को कुछ जरूरी वैक्सीन जरूर लगवाने चाहिए, ताकि उनकी इम्युनिटी मजबूत बनी रहे और वे संक्रमण से सुरक्षित रह सकें।
सबसे पहले बात करें Influenza यानी फ्लू की, तो यह एक ऐसा वायरस है जो हर साल अपना रूप बदलता है। इसी वजह से फ्लू वैक्सीन हर साल लगवाने की सलाह दी जाती है। खासकर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए यह टीका बेहद जरूरी है।
इसके अलावा Tetanus, Diphtheria और Pertussis से बचाव के लिए Tdap वैक्सीन जरूरी है। यह तीनों बीमारियां गंभीर हो सकती हैं, इसलिए हर 10 साल में इसका बूस्टर डोज लेना जरूरी माना जाता है।
एक और महत्वपूर्ण टीका Hepatitis B से बचाव के लिए है। यह संक्रमण लीवर को गंभीर रूप से प्रभावित करता है और आगे चलकर सिरोसिस या कैंसर का कारण बन सकता है। चूंकि यह वायरस खून और शारीरिक द्रवों के जरिए फैलता है, इसलिए हर वयस्क को यह वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जाती है।
महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए Human Papillomavirus यानी एचपीवी वैक्सीन भी बेहद जरूरी है। यह संक्रमण सर्वाइकल कैंसर सहित कई प्रकार के कैंसर का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, किशोरावस्था से लेकर युवावस्था तक इस वैक्सीन को लगवाना सबसे अधिक प्रभावी होता है।
वहीं हाल के वर्षों में COVID-19 ने यह साबित कर दिया है कि संक्रामक बीमारियां कितनी तेजी से फैल सकती हैं। कोविड वैक्सीन न केवल संक्रमण के खतरे को कम करती है, बल्कि गंभीर लक्षणों और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना को भी घटाती है। समय-समय पर बूस्टर डोज लेना भी उतना ही जरूरी है।
डॉक्टरों का कहना है कि अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि बचपन में लगवाए गए टीके ही जीवनभर के लिए पर्याप्त हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। कई वैक्सीन का असर समय के साथ कम हो जाता है और उम्र बढ़ने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घटने लगती है। ऐसे में वयस्क टीकाकरण एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि हर व्यक्ति को समय-समय पर अपने वैक्सीनेशन स्टेटस की जांच करानी चाहिए और जरूरत के अनुसार टीके लगवाने चाहिए। इससे न सिर्फ खुद की सुरक्षा होती है, बल्कि परिवार और समाज को भी संक्रमण से बचाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, जागरूकता और समय पर टीकाकरण ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है।

