यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy को रूस के खिलाफ जारी युद्ध में उनके साहस, नेतृत्व और दृढ़ता के लिए प्रतिष्ठित ‘इंटरनेशनल फोर फ्रीडम्स अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान Roosevelt Foundation द्वारा प्रदान किया गया, जो विश्वभर में स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है।
यह पुरस्कार नीदरलैंड्स के मिडलबर्ग शहर में आयोजित एक समारोह में दिया गया। फाउंडेशन के अध्यक्ष ह्यूगो डी जोंग ने कहा कि यह सम्मान न केवल जेलेंस्की के व्यक्तिगत नेतृत्व को, बल्कि यूक्रेनी जनता के अदम्य साहस और संघर्ष को भी समर्पित है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी यूक्रेन ने लोकतंत्र और स्वतंत्रता के मूल्यों की रक्षा के लिए असाधारण दृढ़ता दिखाई है।
‘फोर फ्रीडम्स’ की अवधारणा पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति Franklin D. Roosevelt ने 1941 में अपने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन में प्रस्तुत की थी। इसमें उन्होंने चार मूलभूत स्वतंत्रताओं—अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, पूजा की स्वतंत्रता, भय से मुक्ति और अभाव से मुक्ति—को वैश्विक शांति और मानवाधिकारों की नींव बताया था। इन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए 1982 में इस पुरस्कार की शुरुआत की गई।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के पूर्व विजेताओं में कई वैश्विक हस्तियां और संस्थाएं शामिल रही हैं, जैसे Nelson Mandela, Dalai Lama, Angela Merkel, United Nations और International Committee of the Red Cross।
समारोह के दौरान अन्य श्रेणियों में भी पुरस्कारों की घोषणा की गई। फ्रांस की गिसेले पेलिकॉट को ‘फ्रीडम फ्रॉम फियर’ (भय से मुक्ति) पुरस्कार दिया गया, जबकि Committee to Protect Journalists को ‘फ्रीडम ऑफ स्पीच’ (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सुरक्षा कारणों के चलते ‘फ्रीडम ऑफ वर्शिप’ (पूजा की स्वतंत्रता) श्रेणी के विजेता की सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई।
पुरस्कार समारोह के बाद जेलेंस्की ने नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से मुलाकात की। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान नीदरलैंड्स यूक्रेन का एक मजबूत सहयोगी रहा है और उसने पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, लड़ाकू विमान और अन्य सैन्य सहायता प्रदान की है। हाल ही में डच सरकार ने यूक्रेनी सेना के लिए ड्रोन खरीदने हेतु लगभग 248 मिलियन यूरो खर्च करने की घोषणा भी की है।
इस बीच, यूक्रेन को यूरोप के अन्य देशों से भी लगातार समर्थन मिल रहा है। जर्मनी, नॉर्वे और इटली जैसे देश यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जर्मनी और यूक्रेन के बीच लगभग 4 अरब यूरो के रक्षा पैकेज पर सहमति बनी है, जबकि नॉर्वे ने करीब 9 अरब यूरो की सहायता देने का वादा किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुरस्कार न केवल जेलेंस्की के नेतृत्व की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि वैश्विक समुदाय यूक्रेन के संघर्ष को लोकतंत्र और स्वतंत्रता की लड़ाई के रूप में देख रहा है। रूस के साथ जारी संघर्ष के बीच यह सम्मान यूक्रेन के लिए एक महत्वपूर्ण नैतिक समर्थन के रूप में भी देखा जा रहा है।

