13 Apr 2026, Mon

मंत्री बनने की दौड़ या बगावत? कर्नाटक के 40 विधायकों ने दिल्ली में डेरा डाला, हाईकमान से करेंगे मुलाकात

कर्नाटक कांग्रेस में मचा घमासान, 40 विधायकों ने दिल्ली में डाला डेरा, कैबिनेट फेरबदल की मांग तेज

कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के भीतर अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। राज्य के करीब 40 कांग्रेस विधायकों ने कैबिनेट फेरबदल की मांग को लेकर दिल्ली में डेरा डाल दिया है। ये सभी विधायक पार्टी हाईकमान से मुलाकात कर मंत्रिमंडल में बदलाव और नए चेहरों को शामिल करने की मांग रखने वाले हैं।

सूत्रों के अनुसार, इन विधायकों का कहना है कि मौजूदा मंत्रियों को पद संभाले हुए लगभग तीन साल का समय हो चुका है, ऐसे में अब संगठन में बदलाव जरूरी है। इनका तर्क है कि वरिष्ठ विधायकों को भी सरकार में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, ताकि पार्टी के भीतर संतुलन बना रहे।

सीनियर विधायकों की बड़ी मांग

कांग्रेस के भीतर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, तीन या उससे अधिक बार विधायक रह चुके लगभग 40 वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि उन्हें अब मंत्रिमंडल में जगह दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि लंबे समय से वही चेहरे मंत्री पदों पर बने हुए हैं, जिससे अन्य अनुभवी नेताओं को मौका नहीं मिल पा रहा है।

इन नेताओं ने पार्टी हाईकमान से आग्रह किया है कि कर्नाटक कैबिनेट में जल्द फेरबदल किया जाए और अनुभवी विधायकों को भी जिम्मेदारी दी जाए।

नए विधायकों ने भी रखी अपनी बात

इस राजनीतिक हलचल के बीच पहली बार चुने गए करीब 38 कांग्रेस विधायकों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई है। इन नए विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर कम से कम 5 नए चेहरों को मंत्री बनाए जाने की मांग की है।

उनका कहना है कि सरकार में नए और युवा चेहरों की भागीदारी से प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा आएगी और जनता के मुद्दों को बेहतर तरीके से उठाया जा सकेगा।

हाईकमान पर बढ़ा दबाव

दिल्ली में विधायकों की मौजूदगी के चलते कांग्रेस हाईकमान पर भी दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व अब कर्नाटक सरकार और राज्य नेतृत्व से चर्चा कर संतुलित समाधान निकालने की कोशिश करेगा।

अंदरूनी खींचतान से बढ़ी राजनीतिक हलचल

कर्नाटक कांग्रेस में चल रही यह खींचतान ऐसे समय सामने आई है जब राज्य सरकार अपनी नीतियों और विकास कार्यों को लेकर सक्रिय है। लेकिन इस अंदरूनी असंतोष ने पार्टी के भीतर राजनीतिक समीकरणों को जटिल बना दिया है।

फिलहाल सभी की नजर हाईकमान के अगले कदम पर टिकी हुई है कि वह कैबिनेट विस्तार या फेरबदल को लेकर क्या फैसला लेता है।

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