बैंकों के नाम पर होने वाली ठगी पर रोक के लिए RBI का बड़ा कदम, अब 1600 से शुरू होंगे आधिकारिक कॉल
भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने ग्राहकों को बैंकिंग फ्रॉड से बचाने के लिए एक अहम पहल की घोषणा की है। आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक सुजीत कुमार अरविंद ने बताया कि अब बैंकों द्वारा की जाने वाली वास्तविक और आधिकारिक कॉल्स ‘1600’ से शुरू होने वाले नंबरों से ही आएंगी। इस कदम का उद्देश्य ग्राहकों को फर्जी कॉल्स और धोखाधड़ी से बचाना है।
फर्जी कॉल्स पर लगेगी रोक
हाल के वर्षों में बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं, जहां ठग खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों से ओटीपी, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते हैं। ऐसे में ‘1600’ सीरीज के नंबरों से आने वाली कॉल्स को वैध माना जाएगा, जिससे आम लोग असली और नकली कॉल्स में आसानी से अंतर कर सकेंगे।
इसके अलावा, आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के URL के अंत में ‘.in’ होना जरूरी है, जिससे ग्राहक असली वेबसाइट की पहचान कर सकें।
बिहार में अवैध वित्तीय गतिविधियों पर सख्ती
इस बीच, बिहार में अवैध वित्तीय गतिविधियों और नकली नोटों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने और नकली नोटों के प्रसार को रोकने के निर्देश दिए हैं।
भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित बैंक शाखाओं में ‘नोट सॉर्टिंग मशीन’ लगाने को अनिवार्य कर दिया गया है। यह मशीन नोटों की गिनती के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता और प्रामाणिकता की जांच करने में भी सक्षम होती है।
नोट सॉर्टिंग मशीन क्या है?
‘नोट सॉर्टिंग मशीन’ एक आधुनिक तकनीकी उपकरण है, जो बैंकिंग सिस्टम में उपयोग किया जाता है। यह मशीन नोटों को गिनने के साथ-साथ उनकी स्थिति, आकार, रंग और सुरक्षा विशेषताओं की जांच करती है। इससे नकली नोटों को पहचानने और अलग करने में मदद मिलती है।
डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म
बैठक में आरबीआई द्वारा विकसित ‘Digital Payments Intelligence Platform’ के बारे में भी जानकारी दी गई। यह एक एआई आधारित सिस्टम है, जो वास्तविक समय में धोखाधड़ी का पता लगाने और संदिग्ध लेन-देन को चिह्नित करने में सक्षम है। इससे डिजिटल भुगतान को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
जागरूकता अभियान पर जोर
वित्त विभाग और आरबीआई द्वारा सोशल मीडिया, रेडियो जिंगल्स (मैथिली और भोजपुरी) और अखबारों के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को बैंकिंग फ्रॉड से बचाना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक करना है।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे दोषी संस्थाओं के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई करें। साथ ही, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सूचना साझा करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि जनता की जमा राशि सुरक्षित रह सके।
निष्कर्ष
Reserve Bank of India का यह कदम बैंकिंग सिस्टम को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। ‘1600’ से शुरू होने वाले कॉल्स और अन्य सुरक्षा उपायों से ग्राहकों को फर्जी कॉल्स और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही, राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से नकली नोट और अवैध वित्तीय गतिविधियों पर भी अंकुश लगेगा।

