आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एंडोमेंट्स विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर कलिंगिरी शांति को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मंगलवार को विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद की गई, जिसमें आरोप था कि अधिकारी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित कर रखी है।
ACB अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही यह जानकारी मिली, जांच एजेंसी ने तत्काल एक विशेष ऑपरेशन शुरू किया। इसके तहत ACB की कई टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने ताडेपल्ली, उंडावल्ली और विशाखापत्तनम सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इन छापों में शांति के आवास और अन्य संबंधित परिसरों को भी शामिल किया गया।
छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में संपत्ति और कई अहम दस्तावेज मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच में लगभग 770 ग्राम सोने के आभूषण, करीब 3 किलोग्राम चांदी के बर्तन और लगभग 1.15 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा बैंक खातों में करीब 3 लाख रुपये जमा होने की जानकारी भी सामने आई है।
सिर्फ नकदी और आभूषण ही नहीं, बल्कि ACB को शांति के नाम पर कई अन्य संपत्तियों का भी पता चला है। इनमें विशाखापत्तनम में एक आवासीय फ्लैट और कुंचनपल्ली में एक G+2 इमारत शामिल है। साथ ही एक कार, एक मोटरसाइकिल और कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी संपत्तियों का मूल्यांकन अभी जारी है और कुल संपत्ति का आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है।
जांच के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जो कथित तौर पर अवैध संपत्ति अर्जित करने से जुड़े हो सकते हैं। ACB अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह मामला ‘आय से अधिक संपत्ति’ (Disproportionate Assets) के तहत दर्ज किया गया है और आगे की जांच में और खुलासे हो सकते हैं।
गिरफ्तारी के बाद कलिंगिरी शांति को कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया गया है और उन्हें विजयवाड़ा स्थित ACB मामलों की विशेष अदालत में पेश किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को और व्यापक बनाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, कलिंगिरी शांति की नियुक्ति वर्ष 2020 में आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) के माध्यम से एंडोमेंट्स विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर हुई थी। उन्होंने विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा में अपनी सेवाएं दी थीं। हालांकि, जुलाई 2024 से मार्च 2026 तक वह निलंबित चल रही थीं।
यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाती है। ACB का कहना है कि सरकारी अधिकारियों द्वारा अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

