7 Apr 2026, Tue

टॉप कमांडर्स की शहादत से हमारे लड़ाकों के कदम नहीं डगमगाने वाले’, ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने जारी किया बयान

ईरान के शीर्ष कमांडरों की हत्या के बाद भी नहीं डगमगाएगा हौसला: मुज्तबा खामेनेई

तेहरान: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Mojtaba Khamenei ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि देश के शीर्ष सैन्य कमांडरों की हत्या के बावजूद ईरान की सैन्य शक्ति और लड़ाकों का मनोबल पूरी तरह अडिग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएं ईरान के सशस्त्र बलों को कमजोर नहीं कर सकतीं, बल्कि उनका संकल्प और मजबूत करती हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में IRGC के वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल माजिद खादेमी की हत्या के बाद क्षेत्रीय हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।

‘हमारा मोर्चा अटूट है’

खामेनेई ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि ईरान के लड़ाके और सशस्त्र बल किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, “इस्लामी ईरान के योद्धाओं की कतारें बेहद मजबूत हैं और आतंकवाद या अपराध जैसी घटनाएं उन्हें तोड़ नहीं सकतीं।”
उन्होंने यह भी कहा कि माजिद खादेमी ने दशकों तक देश की खुफिया और रक्षा सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।

इजरायल का दावा और बढ़ता तनाव

इस बीच Israel ने खादेमी की हत्या की पुष्टि करते हुए उन्हें अपने नागरिकों के खिलाफ हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने भी इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम था।
इसके अलावा इजरायली सेना ने कुद्स फोर्स की स्पेशल ऑपरेशंस यूनिट से जुड़े एक अन्य कमांडर असगर बघेरी को मार गिराने का भी दावा किया है। हालांकि इस पर Iran की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

ईरान-इजरायल टकराव चरम पर

फरवरी के अंत से शुरू हुआ ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल ने हाल के हफ्तों में ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक अधिकारियों को निशाना बनाया है। इसके जवाब में ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है और किसी भी दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया है।

अमेरिका की बढ़ती चिंता

इस पूरे घटनाक्रम के बीच United States भी सक्रिय भूमिका में नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को बातचीत के लिए कई बार प्रस्ताव दिया है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने पर जोर दिया है। हालांकि ईरान की ओर से अब तक कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं।
अमेरिका की ओर से कड़े बयान भी सामने आए हैं, जिनमें चेतावनी दी गई है कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते इस तनाव से पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता पर खतरा मंडरा रहा है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच टकराव किसी बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकता है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।

फिलहाल, Mojtaba Khamenei के ताजा बयान से यह साफ है कि ईरान पीछे हटने के मूड में नहीं है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

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