सिलवासा में नाइट्रोजन गोदाम में भीषण विस्फोट, 4 की मौत, कई घायल; स्कूल के पास हादसे से उठे सवाल
केंद्र शासित प्रदेश Dadra and Nagar Haveli के सिलवासा इलाके में शनिवार सुबह एक भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। Silvassa के देमनी स्कूल फलिया क्षेत्र में स्थित एक नाइट्रोजन गोदाम में हुए इस धमाके में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई, जब गोदाम में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के समय ऐसा महसूस हुआ मानो भूकंप आ गया हो। आसपास की इमारतों में कंपन महसूस किया गया और लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
हादसे की सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह गोदाम एक व्यस्त सड़क के किनारे और एक रिहायशी इलाके के पास स्थित था। इसके अलावा, यह एक स्कूल से महज 30 मीटर की दूरी पर था, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विस्फोट के समय स्कूल में मौजूद बच्चों और स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि किसी छात्र के घायल होने की सूचना नहीं है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह गोदाम कथित तौर पर बिना अनुमति के संचालित किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यहां नाइट्रोजन गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग का काम किया जाता था। हादसे के समय भी सिलेंडर भरने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि गोदाम का मलबा सड़क तक फैल गया और आसपास के क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि अन्य का इलाज जारी है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को घेर लिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
फिलहाल विस्फोट के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी या लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और यह भी जांच की जा रही है कि क्या गोदाम संचालकों ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया था।
गौरतलब है कि दादरा और नगर हवेली के औद्योगिक क्षेत्रों में पहले भी आग और दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और नियमन की आवश्यकता को उजागर करता है।
यह घटना न सिर्फ एक दुखद हादसा है, बल्कि प्रशासन के लिए चेतावनी भी है कि रिहायशी और संवेदनशील क्षेत्रों के पास इस तरह की खतरनाक गतिविधियों पर सख्त निगरानी जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

