3 Apr 2026, Fri

भारत में हुई बैन, फिर भी जपान में रिलीज, TV के राम की आवाज का चला जादू, रामानंद सागार की ‘रामायण’ से भी तगड़ी है फिल्म की रेटिंग

जापानी एनीमेशन ‘रामायण’ ने रचा इतिहास, अरुण गोविल की आवाज से हुई थी अमर

भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं का प्रभाव सिर्फ देश तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर में इसकी झलक देखने को मिलती है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण है जापान में बनी एनिमेटेड फिल्म ‘रामायण’, जिसने 90 के दशक में अपनी कहानी और प्रस्तुति से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। इस फिल्म को IMDb पर 9.1 की शानदार रेटिंग प्राप्त हुई है, जो इसकी गुणवत्ता और लोकप्रियता को दर्शाती है।

इस अनोखी फिल्म की नींव जापानी फिल्मकार Yugo Sako ने रखी थी। भारत यात्रा के दौरान वे भगवान राम की गाथा और उसके गहरे संदेशों से अत्यंत प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने रामायण के कई संस्करणों का अध्ययन किया और इसे एक एनिमेटेड फिल्म के रूप में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया। साका का मानना था कि भगवान राम जैसे दिव्य चरित्र को साधारण फिल्म के माध्यम से नहीं, बल्कि एनीमेशन के जरिए बेहतर तरीके से दिखाया जा सकता है।

हालांकि इस प्रोजेक्ट को बनाने में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उस समय 90 के दशक में एनीमेशन को मुख्य रूप से बच्चों के मनोरंजन के रूप में देखा जाता था, जिससे इस गंभीर विषय को एनीमेशन में पेश करने पर कई लोगों ने सवाल उठाए। इसके अलावा, 1992 की घटनाओं के बाद भारत में धार्मिक विषयों को लेकर संवेदनशील माहौल बन गया था, जिसके चलते इस फिल्म को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया।

वर्ष 1993 में यह फिल्म बनकर तैयार हो गई थी, लेकिन भारत में इसकी रिलीज में देरी हो गई। इसके बावजूद, इस फिल्म का प्रीमियर अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में किया गया और इसे सीमित रूप से दूरदर्शन पर भी प्रसारित किया गया। इस दौरान लोगों ने इसकी कहानी और प्रस्तुति की खूब सराहना की।

इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी हिंदी डबिंग थी। इसमें भगवान राम के किरदार को आवाज देने का काम मशहूर अभिनेता Arun Govil ने किया, जिनकी आवाज ने किरदार को जीवंत बना दिया। इसके अलावा राहुल बोस और साइरस ब्रोचा जैसे कलाकारों ने भी अन्य किरदारों को अपनी आवाज दी। फिल्म के संगीत को प्रसिद्ध संगीतकार वनराज भाटिया ने तैयार किया, जबकि निर्देशन कोइची सासाकी और भारतीय एनीमेशन के दिग्गज राम मोहन ने मिलकर किया।

करीब तीन दशकों तक यह फिल्म चर्चा से दूर रही, लेकिन 2025 में इसे एक बार फिर बड़े पर्दे पर नई तकनीक के साथ पेश किया गया। 24 जनवरी 2025 को इस फिल्म को 4K फॉर्मेट में री-रिलीज किया गया, जिससे नई पीढ़ी भी इस क्लासिक कृति का आनंद ले सकी। इसे हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में भी रिलीज किया गया।

आज यह फिल्म न केवल एनीमेशन की दुनिया में एक मील का पत्थर मानी जाती है, बल्कि भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंधों का भी एक मजबूत प्रतीक बन चुकी है। ‘रामायण’ की यह एनिमेटेड प्रस्तुति इस बात का प्रमाण है कि जब संस्कृति और कला का संगम होता है, तो वह समय और सीमाओं को पार कर अमर हो जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *