फखर जमान पर बॉल टेम्परिंग विवाद: 2 मैचों का बैन बरकरार, PCB ने खारिज की अपील
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 के 11वें सीजन में एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसमें Fakhar Zaman को बॉल टेम्परिंग के आरोप में 2 मैचों का बैन झेलना पड़ा है। इस मामले ने क्रिकेट जगत में काफी चर्चा बटोरी है, खासकर जब खिलाड़ी ने इस फैसले के खिलाफ अपील भी की, लेकिन अंततः उन्हें राहत नहीं मिली।
यह घटना 29 मार्च को खेले गए Lahore Qalandars और Karachi Kings के बीच मुकाबले के दौरान सामने आई। मैच के दौरान जब कराची किंग्स 129 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तब 19वें ओवर के बाद उन्हें पेनल्टी के रूप में 5 रन दिए गए। फील्ड अंपायर ने फखर जमान पर गेंद से छेड़छाड़ (ball tampering) का आरोप लगाया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
मैच रेफरी रोशन महानामा ने जांच के बाद फखर जमान को दोषी मानते हुए उन्हें दो मैचों के लिए निलंबित कर दिया। इसके बाद खिलाड़ी ने इस फैसले को चुनौती दी और पाकिस्तान सुपर लीग की टेक्निकल कमेटी के सामने अपील दायर की। हालांकि, उनकी अपील को भी खारिज कर दिया गया और बैन को बरकरार रखा गया।
फखर जमान ने अपनी अपील में दावा किया कि उनके खिलाफ कोई ठोस या निर्णायक सबूत मौजूद नहीं है, जो यह साबित करे कि उन्होंने गेंद से छेड़छाड़ की थी। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त सबूत के उन पर लगाया गया बैन उचित नहीं है और इसे वापस लिया जाना चाहिए। लेकिन पीएसएल की टेक्निकल कमेटी ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
पीएसएल के आचार संहिता (Code of Conduct) के अनुसार, यदि किसी खिलाड़ी को लेवल-3 अपराध का दोषी पाया जाता है, तो उसे कम से कम एक और अधिकतम दो मैचों का निलंबन झेलना पड़ता है। इसी नियम के तहत फखर जमान पर दो मैचों का प्रतिबंध लगाया गया है।
इस फैसले के बाद अब फखर जमान आगामी दो मुकाबलों में टीम का हिस्सा नहीं होंगे। वे 3 अप्रैल को होने वाले मुकाबले में Multan Sultans के खिलाफ और 9 अप्रैल को Islamabad United के खिलाफ मैदान पर नहीं उतर पाएंगे। उनके अनुपस्थित रहने से लाहौर कलंदर्स की टीम की रणनीति पर असर पड़ सकता है।
वर्तमान सीजन में लाहौर कलंदर्स ने अब तक 2 मैच खेले हैं, जिसमें उन्हें 1 में जीत और 1 में हार का सामना करना पड़ा है। टीम फिलहाल पॉइंट्स टेबल में 2 अंकों के साथ 5वें स्थान पर है।
फखर जमान का यह मामला PSL 2026 के सबसे चर्चित मुद्दों में से एक बन गया है। जहां एक ओर क्रिकेट प्रशंसक इस फैसले को लेकर विभाजित नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लीग की साख और नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब देखना होगा कि आने वाले मैचों में लाहौर कलंदर्स बिना अपने प्रमुख बल्लेबाज के कैसा प्रदर्शन करती है और क्या टीम इस झटके से उबर पाती है या नहीं।

