सोना-चांदी में हल्की तेजी, लेकिन निवेशकों की सतर्कता बरकरार
वैश्विक संकेतों के बीच बुधवार को वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, यह तेजी सीमित रही क्योंकि भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी आने से सुरक्षित निवेश की मांग कुछ कमजोर हुई है। इसके बावजूद बाजार में हलचल बनी हुई है और निवेशक आने वाले आर्थिक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
MCX पर सोना-चांदी में उछाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange of India) पर सुबह 11:14 बजे के आसपास सोने की कीमतों में अच्छी बढ़त देखी गई। 5 जून 2026 डिलीवरी वाले सोने के वायदा अनुबंध की कीमत पिछले सत्र के मुकाबले 1.09% यानी करीब 3,600 रुपये बढ़कर 1,52,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई।
वहीं, चांदी की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई। 5 मई 2026 डिलीवरी वाले चांदी के वायदा अनुबंध की कीमत 0.46% यानी लगभग 6,311 रुपये बढ़कर 2,42,001 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
मार्च में आई थी बड़ी गिरावट
गौरतलब है कि मार्च 2026 में सोने की कीमतों में 13% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी, जो अक्टूबर 2008 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है। इसके अलावा, सोना अपने जनवरी के रिकॉर्ड हाई से करीब 19% नीचे आ चुका है। इस गिरावट के पीछे वैश्विक बाजार में बदलते आर्थिक संकेत और निवेशकों का बदलता रुख प्रमुख कारण रहे हैं।
महानगरों में सोने का भाव
देश के प्रमुख शहरों में सोने के हाजिर भाव इस प्रकार रहे—
- दिल्ली: 24 कैरेट सोना ₹15,163 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹13,900, 18 कैरेट ₹11,376
- मुंबई: 24 कैरेट ₹15,148, 22 कैरेट ₹13,885, 18 कैरेट ₹11,361
- कोलकाता: 24 कैरेट ₹15,148, 22 कैरेट ₹13,885, 18 कैरेट ₹11,361
- चेन्नई: 24 कैरेट ₹15,327, 22 कैरेट ₹14,050, 18 कैरेट ₹11,710
- बेंगलुरु: 24 कैरेट ₹15,148, 22 कैरेट ₹13,885, 18 कैरेट ₹11,361
इन कीमतों में स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के अनुसार बदलाव हो सकता है।
वैश्विक बाजार में स्थिति
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोना करीब 4,700 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गया। यह बढ़त ऐसे समय आई है जब मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया बयान, जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त करने की बात कही, ने बाजार को प्रभावित किया है। इससे निवेशकों में थोड़ी राहत आई है और जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है।
क्यों सीमित रही तेजी
हालांकि, सोने में आई तेजी ज्यादा मजबूत नहीं रही। इसका कारण यह है कि भू-राजनीतिक जोखिम कम होने से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग घट गई है। इसके अलावा, मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंचे ट्रेजरी यील्ड भी सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव बना रहे हैं।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर निर्भर करेंगी। निवेशक इन संकेतों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
निष्कर्ष
हालांकि फिलहाल सोने-चांदी की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सोच-समझकर निवेश करें और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखें, क्योंकि यही आगे की दिशा तय करेंगे।

