सोने-चांदी की कीमतों में उछाल, ट्रंप के फैसले से ग्लोबल मार्केट को मिली राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली। पिछले कुछ सत्रों से भारी बिकवाली के दबाव में चल रही कीमती धातुओं को उस समय सहारा मिला, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से जुड़े तनाव पर नरम रुख अपनाने का संकेत दिया। उनके इस फैसले ने वैश्विक बाजारों में स्थिरता की उम्मीद बढ़ाई, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange (MCX) पर सुबह कारोबार के दौरान सोने के वायदा भाव में लगभग 0.99 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2 अप्रैल 2026 की डिलीवरी वाला सोना 1,43,920 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में भी मजबूती देखने को मिली और मई 2026 डिलीवरी अनुबंध के लिए यह 1.88 प्रतिशत बढ़कर 2,24,004 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में उछाल आया है। वैश्विक स्तर पर सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया, जो पिछले सत्र की गिरावट के बाद एक मजबूत रिकवरी मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी मुख्य रूप से भू-राजनीतिक तनाव में थोड़ी नरमी और निवेशकों के सुरक्षित निवेश विकल्प की ओर लौटने के कारण आई है।
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले को फिलहाल रोकने का फैसला किया है। उन्होंने इस रोक को 6 अप्रैल तक बढ़ा दिया है, जिससे बाजारों को यह संकेत मिला कि स्थिति पूरी तरह से बिगड़ने से बच सकती है। इस घोषणा के बाद निवेशकों का भरोसा लौटा और उन्होंने फिर से सोने में निवेश बढ़ाया।
भारत के प्रमुख शहरों में भी सोने के हाजिर भाव में मजबूती देखी गई। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 14,486 रुपये प्रति ग्राम रही, जबकि 22 कैरेट सोना 13,280 रुपये प्रति ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा। मुंबई और कोलकाता में भी लगभग इसी स्तर पर कीमतें दर्ज की गईं। वहीं चेन्नई में सोने का भाव थोड़ा अधिक रहा, जहां 24 कैरेट सोना 14,651 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। एक ओर जहां भू-राजनीतिक स्थिति अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी का असर भी बाजार पर पड़ेगा। यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो निवेशक जोखिम वाले एसेट्स की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे सोने की मांग पर दबाव पड़ सकता है।
हालांकि, फिलहाल की स्थिति में सोना एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में फिर से मजबूत होता दिख रहा है। अनिश्चित वैश्विक माहौल और आर्थिक अस्थिरता के बीच निवेशक सोने को सुरक्षित ठिकाना मान रहे हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों की नीतियां तय करेंगी कि सोने और चांदी की कीमतों का रुख किस दिशा में जाएगा।

