Kanpur Crime News: ट्रेनों से पेट्रोल-डीजल चोरी करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, गिरोह के अन्य सदस्य भी रडार पर
कानपुर में रेलवे संपत्ति को निशाना बनाकर ट्रेनों से पेट्रोल और डीजल चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से चोरी का भारी मात्रा में ईंधन बरामद हुआ है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सागर गौतम और शिवम गौतम के रूप में हुई है, जो कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। ये दोनों लंबे समय से रेलवे यार्ड और खड़ी ट्रेनों से ईंधन चोरी के अवैध धंधे में सक्रिय थे।
CIB टीम की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई को सीआईबी (CIB) ग्वालियर और सीआईबी कानपुर की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। भीमसेन आरपीएफ पोस्ट क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने एक विशेष रणनीति तैयार की और मुखबिर की सूचना के आधार पर इलाके में घेराबंदी की। इसी दौरान दोनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ समय से भीमसेन क्षेत्र में ट्रेनों से ईंधन चोरी की घटनाएं बढ़ रही थीं, जिसे रोकने के लिए विशेष निगरानी की जा रही थी।
भारी मात्रा में ईंधन बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से लगभग 15 कैन (कट्टी) में रखा हुआ पेट्रोल और डीजल बरामद किया गया है। बरामद ईंधन की अनुमानित कीमत करीब ₹34,000 बताई जा रही है। पुलिस ने इसे जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पूछताछ में गिरोह का खुलासा
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस चोरी के नेटवर्क का हिस्सा थे। उन्होंने यह भी बताया कि इस गिरोह में कुल 4 अन्य सदस्य शामिल हैं, जो इस अवैध गतिविधि को संचालित करते थे।
पुलिस अब इन फरार सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
रेलवे सुरक्षा पर बड़ा सवाल
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रेनों से ईंधन चोरी जैसे मामलों से न सिर्फ रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ता है।
पुलिस और रेलवे प्रशासन अब इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगरानी और सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल पूरे नेटवर्क को जल्द ही उजागर कर लिया जाएगा।
निष्कर्ष
कानपुर में हुई इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि रेलवे संपत्ति को निशाना बनाने वाले अपराधियों पर पुलिस की नजर लगातार बनी हुई है। संयुक्त टीम की इस सफलता से न सिर्फ दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, बल्कि पूरे गिरोह तक पहुंचने का रास्ता भी खुल गया है।

