23 Mar 2026, Mon

Stock Market Highlights: शेयर बाजार तबाह, सेंसेक्स 1837 और निफ्टी 602 अंक टूटा, निवेशकों के ₹14 लाख करोड़ स्वाहा

Stock Market Crash: मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार ध्वस्त, निवेशकों के ₹14 लाख करोड़ डूबे

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन BSE Sensex 1836.57 अंक यानी 2.46% गिरकर 72,696.39 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी 601.85 अंक (2.60%) टूटकर 22,512.65 पर आ गया। इस तेज गिरावट के चलते निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 14 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी आई है।

बाजार में यह गिरावट सुबह की शुरुआत से ही देखने को मिली, जब ओपनिंग बेल के साथ ही बिकवाली का दबाव हावी हो गया। विश्लेषकों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया है, जिसके चलते बाजार में पैनिक सेलिंग देखने को मिली।

अगर व्यापक बाजार की बात करें तो स्थिति बेहद खराब रही। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से केवल 4 शेयर ही हरे निशान में बंद हुए, जबकि 26 कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह निफ्टी 50 के 50 में से 47 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जो बाजार में व्यापक कमजोरी को दर्शाता है।

आईटी सेक्टर में कुछ राहत जरूर देखने को मिली। HCL Technologies का शेयर 1.83% की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा चढ़ने वाला स्टॉक रहा। इसके अलावा Tech Mahindra और Infosys में भी मामूली तेजी दर्ज की गई। वहीं Power Grid Corporation of India के शेयर भी सीमित बढ़त के साथ बंद हुए।

दूसरी ओर, कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। Titan Company के शेयर में सबसे ज्यादा 6.24% की गिरावट आई। इसके अलावा UltraTech Cement, Tata Steel, HDFC Bank और Adani Ports जैसे बड़े स्टॉक्स भी दबाव में रहे। बैंकिंग, ऑटो, मेटल और एफएमसीजी सेक्टर में भी भारी बिकवाली दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली इस गिरावट के प्रमुख कारण हैं। खासकर मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को कम कर दिया है।

आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। अगर भू-राजनीतिक हालात सुधरते हैं, तो बाजार में रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन फिलहाल अस्थिरता का दौर जारी रहने की संभावना है।

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