वंदे भारत और राजधानी के बीच आम लोगों की पसंद बनी अमृत भारत एक्सप्रेस, सस्ती यात्रा ने बढ़ाई लोकप्रियता
देश में जहां एक ओर हाई-टेक ट्रेनों जैसे वंदे भारत एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस और तेजस एक्सप्रेस की खूब चर्चा होती रहती है, वहीं दूसरी ओर अमृत भारत एक्सप्रेस चुपचाप आम यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही है। कम किराया, बेहतर सुविधाएं और लंबी दूरी की यात्रा के लिए आरामदायक व्यवस्था के कारण यह ट्रेन तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार अमृत भारत एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में औसत ऑक्यूपेंसी कई रूट्स पर 100 प्रतिशत से भी अधिक दर्ज की गई है। इससे साफ है कि आम यात्रियों के बीच इस ट्रेन की मांग लगातार बढ़ रही है। खासकर वे लोग जो लंबी दूरी की यात्रा कम खर्च में करना चाहते हैं, उनके लिए यह ट्रेन एक बेहतर विकल्प बनकर उभरी है।
आम यात्रियों के लिए खास ट्रेन
अमृत भारत एक्सप्रेस को मुख्य रूप से कम और मध्यम आय वर्ग के यात्रियों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। यह ट्रेन पूरी तरह नॉन-एसी है, लेकिन इसमें यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। लंबी दूरी की यात्रा को सस्ता और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से इस ट्रेन को डिजाइन किया गया है।
इस ट्रेन में आमतौर पर 11 जनरल कोच, 8 स्लीपर कोच, 1 पैंट्री कार और 2 लगेज-कम-दिव्यांग कोच लगाए जाते हैं। अधिक जनरल और स्लीपर कोच होने के कारण बड़ी संख्या में यात्रियों को सफर करने का मौका मिलता है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस कोच
हालांकि अमृत भारत एक्सप्रेस नॉन-एसी ट्रेन है, लेकिन इसके कोचों में कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। सीट और बर्थ का डिजाइन पहले की तुलना में अधिक आरामदायक बनाया गया है ताकि यात्रियों को लंबी यात्रा में परेशानी न हो।
कोचों में एलईडी लाइट्स, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, सीसीटीवी कैमरे और सेमी-ऑटोमैटिक कपलर लगाए गए हैं। इसके अलावा ट्रेन में बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम, फायर सेफ्टी सिस्टम और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम भी मौजूद है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जनरल कोच की संख्या बढ़ाने पर जोर
भारतीय रेलवे ने आम यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या बढ़ाने का फैसला भी किया है। वित्त वर्ष 2024-25 में लंबी दूरी की ट्रेनों में करीब 1250 नए जनरल कोच जोड़े गए थे।
वहीं चालू वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 860 अतिरिक्त जनरल कोच और जोड़े जा चुके हैं। इससे बिना रिजर्वेशन यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सीटें उपलब्ध हो सकेंगी और भीड़ की समस्या कुछ हद तक कम होगी।
17 हजार नए नॉन-एसी कोच बनाने की योजना
रेलवे भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बड़े स्तर पर कोच निर्माण की तैयारी कर रहा है। रेलवे की योजना करीब 17,000 नए नॉन-एसी कोच बनाने की है। इन कोचों में जनरल और स्लीपर दोनों प्रकार की सुविधाएं होंगी, जिससे आम यात्रियों को अधिक सीटें मिल सकेंगी और यात्रा का अनुभव बेहतर होगा।
सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान
रेलवे ने ट्रेनों की साफ-सफाई और रखरखाव को भी प्राथमिकता दी है। सभी कोचों में बायो-टॉयलेट लगाए गए हैं, जिससे रेलवे ट्रैक और कोच साफ रहते हैं। इसके अलावा ट्रेनों में मैकेनाइज्ड क्लीनिंग, ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी की गई है।
कुल मिलाकर कम किराया और बेहतर सुविधाओं के कारण अमृत भारत एक्सप्रेस तेजी से आम यात्रियों की पसंद बनती जा रही है और आने वाले समय में इसकी लोकप्रियता और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

