द हंड्रेड ऑक्शन में अबरार अहमद की एंट्री से विवाद, काव्या मारन की टीम पर उठे सवाल
नई दिल्ली: इंग्लैंड की फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट लीग The Hundred के लिए हुई नीलामी के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सनराइजर्स फ्रेंचाइज़ी की टीम Sunrisers Leeds ने पाकिस्तानी स्पिनर Abrar Ahmed को अपनी टीम में शामिल किया है। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और कई भारतीय क्रिकेट फैंस इस पर नाराजगी जता रहे हैं।
काव्या मारन की टीम ने लगाई बड़ी बोली
इस टीम का स्वामित्व Kavya Maran के पास है, जो इंडियन प्रीमियर लीग में Sunrisers Hyderabad की भी मालिक हैं। नीलामी के दौरान सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को लगभग 2.3 करोड़ रुपये की कीमत में खरीदा। हालांकि नीलामी ब्रिटिश पाउंड में हुई थी, लेकिन भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब इतनी बताई जा रही है।
द हंड्रेड को अक्सर इंग्लैंड का आईपीएल कहा जाता है, क्योंकि यह भी फ्रेंचाइज़ी आधारित क्रिकेट लीग है। हालांकि इसके नियम पारंपरिक टी20 क्रिकेट से अलग हैं और इसमें आठ टीमें हिस्सा लेती हैं।
आईपीएल 2026 से पहले बढ़ा विवाद
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब Indian Premier League 2026 का शेड्यूल जारी हो चुका है। आईपीएल का पहला मुकाबला 28 मार्च को Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad के बीच खेला जाएगा।
इसी बीच द हंड्रेड की नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने का फैसला कई लोगों को पसंद नहीं आया। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा राजनीतिक तनाव को देखते हुए इस तरह का फैसला विवाद को जन्म दे सकता है।
पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद
क्रिकेट जगत में इससे पहले भी विदेशी खिलाड़ियों को लेकर विवाद हो चुके हैं। कुछ समय पहले आईपीएल नीलामी में Kolkata Knight Riders ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज Mustafizur Rahman को खरीदा था। उस समय भी इस फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया था और भारी आलोचना के बाद फ्रेंचाइज़ी को उन्हें रिलीज करना पड़ा था।
उस मामले ने इतना तूल पकड़ा था कि क्रिकेट बोर्डों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों तक चर्चा पहुंच गई थी। इसलिए अब कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस बार भी ऐसा ही विवाद खड़ा हो सकता है।
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
अबरार अहमद को लेकर सोशल मीडिया पर बहस लगातार तेज हो रही है। कुछ लोग इसे खेल भावना का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक और भावनात्मक मुद्दों से जोड़कर देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइज़ी लीग में खिलाड़ियों का चयन आमतौर पर प्रदर्शन और टीम की जरूरत के आधार पर किया जाता है। हालांकि भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को देखते हुए इस तरह के फैसले अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सनराइजर्स लीड्स अपने फैसले पर कायम रहती है या विवाद बढ़ने पर कोई नया कदम उठाती है। फिलहाल फ्रेंचाइज़ी की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है, खासकर जब आईपीएल सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है और फ्रेंचाइज़ी इस स्थिति से कैसे निपटती है।

