ओडिशा में अंधविश्वास की घटना: काला जादू के शक में रिटायर्ड शिक्षक की भीड़ ने कर दी पिटाई, 10 गिरफ्तार
ओडिशा के Ganjam district से अंधविश्वास से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां काला जादू करने के शक में गांव के कुछ लोगों ने एक बुजुर्ग रिटायर्ड शिक्षक पर हमला कर दिया। भीड़ की पिटाई में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया है।
यह घटना गंजाम जिले के Belaguntha थाना क्षेत्र के बेलपूंजी गांव में 7 और 8 मार्च की दरम्यानी रात को हुई। घायल व्यक्ति की पहचान गोपाल कृष्ण सेठी के रूप में हुई है, जो पेशे से रिटायर्ड शिक्षक हैं और चढ़ियापल्ली इलाके के ढेपा साही के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले गांव के लोगों ने गोपाल कृष्ण सेठी को देर रात बेलपूंजी गांव के ठाकुराणी मंदिर में पूजा-पाठ और मंत्र जाप करते हुए देखा था। बताया जा रहा है कि उस समय उन्होंने महिलाओं के कपड़े जैसे साड़ी, चूड़ियां और फूलों की माला पहन रखी थी। इस अजीब वेशभूषा को देखकर गांव के कुछ लोगों को शक हुआ कि वह किसी तरह का काला जादू या तंत्र-मंत्र कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चर्चा फैल गई और धीरे-धीरे यह शक अंधविश्वास में बदल गया। बताया जाता है कि घटना वाली रात गोपाल कृष्ण सेठी ने अपने बेटे से मंदिर जाने की जिद की थी। परिवार के लोगों के अनुसार, उनकी मानसिक स्थिति कुछ कमजोर है, इसलिए उनका बेटा उन्हें बेलपूंजी गांव के मंदिर तक छोड़कर वापस घर लौट गया।
मंदिर में बैठे गोपाल कृष्ण सेठी को देखकर आसपास रहने वाले कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन्हें शक था कि वह काला जादू कर रहे हैं। इसी शक के चलते गांव के कई लोग वहां इकट्ठा हो गए और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। भीड़ ने बुजुर्ग शिक्षक पर हमला कर दिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी।
इस हमले में गोपाल कृष्ण सेठी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल बुजुर्ग को वहां से सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत इलाज के लिए Brahmapur स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
इस मामले पर बयान देते हुए एसडीपीओ डॉ. दीपक कुमार मिश्रा ने कहा कि यह बेहद दुखद और गंभीर घटना है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और शुरुआती जांच के बाद बेलपूंजी गांव के 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है।
पुलिस का कहना है कि अंधविश्वास के कारण हुई इस घटना की गहराई से जांच की जा रही है और अगर अन्य लोग भी इसमें शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर समाज में मौजूद अंधविश्वास और अफवाहों

