अमेरिका-इज़राइल और ईरान की जंग: ईरान ने रखी 3 शर्तें, ट्रंप बोले “ईरान में कुछ नहीं बचा”
मिडिल ईस्ट: अमेरिका और इज़राइल बनाम ईरान की जंग का आज तेरहवां दिन है। दोनों पक्षों की ओर से लगातार मिसाइल, बम और गोला-बारूद दागे जा रहे हैं। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने जंग खत्म करने के लिए तीन अहम शर्तें रख दी हैं।
ईरान की तीन शर्तें
ईरान के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट करते हुए कहा कि शांति स्थापित करने का एकमात्र तरीका है:
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ईरान के वैध अधिकारों की मान्यता।
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जंग के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजे का भुगतान।
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भविष्य में आक्रामकता रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय गारंटी।
उन्होंने कहा कि रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत के दौरान ईरान ने क्षेत्र में शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
ट्रंप का दावा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में अब कुछ भी बचा नहीं है। उनके अनुसार अमेरिकी वायु सेना और सभी एंटी-डिफेंस सिस्टम्स ने ईरान के सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान ने दुनिया को 47 साल का नुकसान पहुँचाया और अब इसकी कीमत चुका रहा है।
इज़राइल का हिज़बुल्लाह पर हमला जारी
इज़राइल की सेना ने लेबनान के बेरूत में हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमला किया। बेरूत के दक्षिणी शहर में बुर्ज अल-बरजनेह को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद कई रिहायशी इलाकों में आग लगी और जोरदार धमाके सुनाई दिए।
लेबनान की हेल्थ मिनिस्ट्री के अनुसार, 2 मार्च से जारी इज़राइली हमले में अब तक 600 से अधिक नागरिक मारे गए हैं, जिनमें 86 बच्चे और 47 महिलाएं शामिल हैं। लगभग 1,444 लोग घायल हुए हैं।

