11 Mar 2026, Wed

बंगाल मेरा दूसरा घर, यात्रा अभी जारी रहेगी’, पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस का भावुक ओपन लेटर

CV आनंद बोस का भावुक ओपन लेटर: बंगाल को बताया अपना दूसरा घर 💌

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने 5 मार्च 2026 को इस्तीफा देने के बाद राज्यवासियों के नाम एक भावुक ओपन लेटर जारी किया। इस पत्र में बोस ने बंगाल को अपना “दूसरा घर” बताते हुए कहा कि उनकी यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने राज्यवासियों के प्यार और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और साथ ही यह भी बताया कि उनके इस्तीफे के पीछे के कारण फिलहाल गोपनीय रहेंगे।

बोस ने अपने ओपन लेटर में लिखा, “मेरे प्यारे बंगाल के भाइयों और बहनों, लोक भवन, कोलकाता में मेरी पारी खत्म होने जा रही है। मैं आप सभी को दिल से धन्यवाद देता हूं कि आपने मुझे इतना प्यार और सम्मान दिया। मैं उन पलों को याद करता हूं जब राज्य की प्यार करने वाली जनता ने मुझे गले लगाया। ये यादें मेरे दिल में हमेशा रहेंगी।”


बंगाल से जुड़े यादगार पल

ओपन लेटर में बोस ने कई व्यक्तिगत और भावनात्मक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, “मेरी बहन की गोद, उस छोटे बच्चे की मेरी पीठ पर थपकी, उस युवा का मजबूती से हाथ मिलाना – ये सब मेरे दिल में बस गए हैं। मेरा कार्यकाल खत्म हो गया है, लेकिन बंगाल में मेरी यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है। बंगाल मेरा दूसरा घर है और मैं इसका अभिन्न हिस्सा बनकर इससे जुड़ा रहूंगा।”

बोस ने महात्मा गांधी का हवाला देते हुए लिखा कि जैसे गांधीजी बंगाल को नहीं छोड़ पाए, वैसे ही उन्हें भी यह भूमि जाने नहीं दे रही। उन्होंने बंगाल के लोगों, संस्कृति और इतिहास की सराहना करते हुए कहा कि यहां के महान पुरुष और महिलाएं देश को दिशा देने में सक्षम रहे हैं।


इस्तीफे के पीछे का कारण

सीवी आनंद बोस ने अपने इस्तीफे को “सचेत” और “समय की जरूरत” बताते हुए कहा, “मैंने इस्तीफा देने का सचेत फैसला लिया है। इसके कारण सही समय आने तक गोपनीय रहेंगे। क्रिकेट की भाषा में कहें तो जहां एंट्री है, वहां एग्जिट भी है। मैंने यहां 1200 दिन राज्यपाल के रूप में बिताए – यह मेरे लिए 12 शतक हैं। रुकने का समय आ गया, मैंने सोचा यह सही समय है एग्जिट करने का।”


ममता बनर्जी का रिएक्शन

पूर्व राज्यपाल के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है और चुनावों से ठीक पहले राज्यपाल का बदलाव संदिग्ध प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, “अगर कुछ गड़बड़ नहीं थी, तो राज्यपाल को अचानक क्यों हटाया गया? राजस्थान के लोग भी इस पर सोचें। सभी धर्म, वर्ग और संप्रदाय के लोग इस बदलाव पर ध्यान दें।”


निष्कर्ष

सीवी आनंद बोस का ओपन लेटर भावनात्मक और व्यक्तिगत अनुभवों से भरा हुआ है। उन्होंने न केवल बंगालवासियों को धन्यवाद दिया, बल्कि राज्य और उसकी संस्कृति के साथ अपने गहरे जुड़ाव को भी साझा किया। उनके इस्तीफे के पीछे कारण गोपनीय हैं, लेकिन उनके शब्द यह दर्शाते हैं कि बंगाल ने उनके दिल में एक स्थायी जगह बनाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *